आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी से बातचीत करते डीसी अभिषेक मीणा। स्रोत : प्रशासन
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रेवाड़ी। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत कार्य कर रहे बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को कई आवासीय सोसाइटियों में प्रवेश नहीं दिए जाने शिकायतें मिल रही हैं। इसको लेकर डीसी ने आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों के साथ बैठक की और कहा कि वे सोसाइटी के गार्डों को समझाएं ताकि वे बीएलओ को प्रवेश दे सकें।
डीसी अभिषेक मीणा ने शनिवार को लघु सचिवालय सभागार में रेवाड़ी, बावल, धारूहेड़ा की आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि सभी आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी अपनी सोसायटी के गार्ड को समझाए कि वे बीएलओ को प्रवेश करने दें। सोसायटी में रहने वाले सभी नागरिक बीएलओ से अपने फार्म ग्रहण करें और एसआईआर से संबंधित कोई बात समझ नहीं आ रही है तो उनसे समझ लें।
उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से चलाया जा रहा एसआईआर अभियान जिला प्रशासन द्वारा पूरी गंभीरता से चलाया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि एक भी घर छूटना नहीं चाहिए, जिसमें एन्यूमरेशन फार्म न पहुंचे।
कोई व्यक्ति यह फार्म नहीं लेता है या उसे फाड़ देता है तो नुकसान खुद उसी व्यक्ति का ही होगा। फॉर्म नहीं भरने वाले का नाम वोटर लिस्ट में नहीं आएगा। वोटर आईडी आपकी नागरिकता का सबसे बड़ा प्रमाण है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि फिलहाल तो एन्यूमरेशन फार्म भरने वाले नागरिक को केवल इतना करना है कि वह फार्म पर अपना नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो लगाएं। वर्ष 2002 की वोटर लिस्ट में जिस नागरिक का नाम है तो उस क्रमांक को फार्म में भरे। अगर नाम 2002 की सूची में नहीं था तो अपने माता-पिता के वोटर क्रमांक को उसमें लिखे। ये फार्म 14 जुलाई से पहले बीएलओ को वापस देने जरूरी है। इस अवसर पर निर्वाचन विभाग के नायब तहसीलदार अजय कुमार भी उपस्थित रहे।