रेवाड़ी। खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय बावल में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए पीएमएफएमई, पीएमईजीपी और पीएम विश्वकर्मा योजना पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान 70 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को योजनाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को इन सरकारी योजनाओं के तहत उपलब्ध अवसरों, सब्सिडी और उद्यम स्थापना के तरीकों की जानकारी देना था। कार्यक्रम में जिला एमएसएमई केंद्र, रेवाड़ी के औद्योगिक प्रसार अधिकारी करण सिंह ने योजनाओं से संबंधित विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पीएमएफएमई योजना सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को तकनीकी उन्नयन, ब्रांडिंग और मार्केटिंग सहायता प्रदान करती है। पीएमईजीपी योजना ग्रामीण और शहरी युवाओं को सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने हेतु बैंक ऋण पर सब्सिडी (अनुदान) उपलब्ध कराती है।
वहीं, पीएम विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, टूलकिट सहायता और कम ब्याज दर पर ऋण प्रदान करती है। अधिकारियों ने बैंकों की भूमिका, आवश्यक दस्तावेज, ऑनलाइन पोर्टल पंजीकरण, मार्केट लिंकिंग और योजनाओं के व्यावहारिक लाभों पर भी विस्तार से चर्चा की।
मुख्य संबोधन के बाद एसएचजी सदस्यों के लिए प्रश्न उत्तर सत्र आयोजित किया गया। महिलाओं ने योजनाओं से संबंधित अपने प्रश्न पूछे और अधिकारियों ने उन्हें समाधान देते हुए स्वरोज़गार एवं उद्यमिता अपनाने के लिए प्रेरित किया।