संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि एम्स संस्थान को जल्द बनवाने के लिए प्रशासन त्वरित कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य से जुड़ी सभी एजेंसियां और विभाग अपना काम तेज गति से कर रहे हैं। डीसी ने वीरवार को इस संदर्भ में स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल के साथ वीडियो कांफ्रेंस में यह जानकारी दी।
निर्माणाधीन एम्स संस्थान में बिजली-पानी, बरसाती पानी की निकासी, यातायात आदि को लेकर मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने अधिकारियों के साथ वीसी के जरिए बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में देरी नहीं होनी चाहिए।
इस संस्थान में ओपीडी व आईपीडी की सेवाएं जल्द से जल्द शुरू हो जानी चाहिए। डीसी ने एसीएस को बताया कि पानी की आपूर्ति के लिए फिलहाल आसपास स्थित चार नलकूप से व्यवस्था की गई है। स्थायी जलापूर्ति के लिए नजदीक के गांव में जलघर का निर्माण करवाया जाएगा।
इसके लिए दो करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया है। इसी प्रकार बिजली वितरण निगम की ओर से वहां 15 करोड़ की लागत से एक 33 केवी के सब स्टेशन का निर्माण करवाया जाना है, जिसे एस्टीमेट को स्वीकृति के लिए भिजवा दिया गया है।
डीसी ने बताया कि रेलवे विभाग के साथ जमीन का जो मसला था, उसे सुलझा लिया गया है। उन्होंने कहा कि एम्स की चारदीवारी के पास ही एक ड्रेन बनी हुई है, जिसके द्वारा बरसाती पानी की निकासी हो सकती है। एम्स से इसकी कनेक्टिविटी को प्रशासन की ओर से मंजूरी दे दी गई है।
इस मौके पर एसीयूटी रूहानी, एसडीएम सुरेंद्र सिंह, जिला राजस्व अधिकारी प्रदीप देशवाल, बिजली वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता प्रदीप कुमार चौहान, डीडीपीओ नरेंद्र सारवान, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता सतेंद्र श्योराण इत्यादि मौजूद रहे।