फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आईजीयू बनेगा ग्लोबल विश्वविद्यालय

Sun, 21 Aug 2016 12:55 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
विज्ञापन
आईजीयू बनेगा ग्लोबल विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
सरकार ने इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी (आईजीयू) मीरपुर को ग्लोबल विश्वविद्यालय बनाने की तैयारी कर ली है। ग्लोबल यूनिवर्सिटी बनने के बाद इससे विश्वभर के छात्र लाभान्वित होंगे।  कॉलेज प्रशासन ने भी इसके लिए सभी जरूरी फॉर्मलिटीज पूरी कर ली हैं। सबसे पहले विश्वविद्यालय में छह चेयर बनाई जाएंगी।
विज्ञापन

इसमें छह अलग-अलग महापुरुषों से छात्रों को अवगत कराया जाएगा। इन महापुरुषों में से तीन का संबंध तो रेवाड़ी से है। इसके अध्ययन से छात्रों को इन महापुरुषों के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। इससे कॉलेज की आय भी बढ़ेगी।

जानकारी के अनुसार आईजीयू में शीघ्र ही हेमचंद विक्रमादित्य, राव तुलाराम, बाबू बालमुकंद गुप्त, स्वामी विवेकानंद, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर एवं बाबा मस्तनाथ की चेयर स्थापित होंगी। इन चेयर के स्थापित होने से इन महापुरुषों के व्यक्तित्व से विद्यार्थी अधिक से अधिक रूबरू हो सकेंगे।
विज्ञापन


इसका कार्य तीन चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में विश्वविद्यालय लिटरेचर छापेगा। इस लिटरेचर में इन महापुरुषों के जीवन से जुड़ी कई जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। जिनकी जानकारी अभी तक किसी को नहीं है। दूसरे स्टैप में विश्वविद्यालय इन महापुरुषों के बारे में जानने के लिए छोटे-छोटे सर्टिफिकेेट कोर्स शुरू करेगा।

तीसरे और अंतिम स्टैप में इंटरनेशनल कालब्रेशन के तहत जानकारियां साझी की जाएगी। इसके तहत इटली से कॉलेज का एमओयू साइन हो चुका है। बांग्लादेश से प्रोसेस में है। इसके अतिरिक्त श्रीलंका से भी शीघ्र ही एमओयू साइन हो जाएगा। इसके बाद वहां के छात्र आईजीयू में तथा यहां के छात्र वहां अध्ययन कर अपनी जानकारियां साझी कर सकेंगे। इससे विश्वविद्यालय ग्लोबल रूप ले लेगा।

विजन डॉक्यूमैंट 2020 के तहत कार्य
अभी आईजीयू बने चार साल ही बीते हैं। लेकिन विश्वविद्यालय ने इसके लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिए हैं। विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से विजन डॉक्यूमेंट 2020 के तहत कार्य किए जाएंगे। इसमें विश्वविद्यालय के अचीवमेंट निर्धारित किए जाएंगे। इन्हें टार्गेट कर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। विश्वविद्यालय का सर्वाधिक जोर क्वालिटी बेस कोर्सेज पर रहेगा। इसके लिए इसे ई-गवर्नमेंस से भी जोड़ा जाएगा। प्रयास किया जाएगा कि यूनिवर्सिटी अपने पैरों पर स्वयं खड़ी हो। इसकी लिए इसे किसी अन्य पर आधारित नहीं रहना पड़े। विश्वविद्यालय में छह चेयर लाना भी इसी कार्यक्रम का हिस्सा है। आने वाले समय में विश्वविद्यालय में वोकेशनल कोर्सेज भी शुरू किए जाएंगे।

लोकल कम्यूनिटी को करेंगे इन्वॉल्व
यूनिवर्सिटी के विकास के लिए लोकल कम्यूनिटी को भी इन्वॉल्व किया जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने मीरपुर गांव को गोद लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन गांव के विकास के लिए कार्य कर रहा है। यूनिवर्सिटी में भर्ती होने वाले अधिकांश लोग भी गांव से ही लिए गए हैं। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय शीघ्र ही चार अन्य गांवों को भी गोद लेगा।

विश्वविद्यालय में शुरू होंगे कोचिंग सेंटर
विश्वविद्यालय में शीघ्र ही कोचिंग सेंटर भी खोले जाएंगे। यहां विभिन्न तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। पहले यहां केवल एससी एवं ओबीसी वर्ग के लिए ही तैयारी की योजना थी, लेकिन गत दिनों कॉलेज प्रशासन की मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में इसका लाभ सभी वर्गों को देने पर रजाबंदी बनी। अब सभी वर्गों के विद्यार्थी विश्वविद्यालय में आकर कोचिंग ले सकेंगे।

फाउंडेशन डे रहेगा खास
सात सितंबर को विश्वविद्यालय का फाउंडेशन डे है। इसे भुनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरी तरह कमर कस ली है। इसके लिए विश्वविद्यालय ने अपना कुलगीत तैयार कर लिया है। इसके लिए विश्वविद्यालय में इन्कूविशन सेंटर भी तैयार होगा। इसमें विश्वविद्यालय का अपना पब्लिकेशन हाउस, प्रिंटिंग एवं जर्नल लिखे जाएंगे। फाउंडेशन पर इसे विस्तार से रखा जाएगा।

एग्रीकल्चर कोर्स एंड सोइल टेस्टिंग से मिलेगा लाभ
यूनिवर्सिटी शीघ्र ही एग्रीकल्चर कोर्स शुरू करने जा रही है। इसके शुरू होने के साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को इसका लाभ मिलेगा। इसी के साथ स्किल डवलपमेंट सेंटर भी खोला जाएगा। सोइल टेस्टिंग से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया जाएगा। इसी साथ विश्वविद्यालय में इसी सत्र से होटल मैनेजमेंट कोर्स भी शुरू होंगे। इसके लिए ढाई करोड़ रुपये की ग्रांट मिल चुकी है।

अगले सत्र से शुरू होंगे पत्राचार पाठ्यक्रम
हाल्ही में विश्वविद्यालय की एग्जीक्यूटिव काउंसिल की ओर से यहां पत्राचार पाठ्यक्रम शुरू करने का भी प्रस्ताव पास किया गया है। इसे सिरे चढ़ाने के लिए सभी प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई है। अगले सत्र में इसे शुरू कर दिया जाएगा।
-----------
गुड़गांव में खुलेगा अरबन सैंटर
आईजीयू का अरबन सेंटर शीघ्र ही गुड़गांव में खुलेगा। इससे आईजीयू के तहत शिक्षा लेने वाले विद्यार्थियों को गुड़गांव में भी संबंधित विषयों की शिक्षा मिल सकेगी। इसका लाभ पूरे एनसीआर क्षेत्र को मिलेगा।

छह जिलों के कॉलेज जुड़ेंगे
यूनिवर्सिटी से शीघ्र रेवाड़ी सहित महेंद्रगढ़, गुड़गांव, मेवात, फरीदाबारद, पलवल के कॉलेज जोड़े जाएंगे। ऐसे में इन कॉलेजों को अन्य यूनिवर्सिटियों से जुड़ने की समस्या समाप्त हेा जाएगी। ये कॉलेज शीघ्र ही इसी यूनिवर्सिटी से जोड़े जाएंगे। इससे यूनिवर्सिटी की आय तो बढ़ेगी ही छात्रों को भी लाभ होगा।

12बी की अड़चने होंगी शीघ्र दूर
अभी यूनिवर्सिटी में कही से भी आय नहीं हो रही है। यूसीजी से मिलने वाला फंड भी कई बाधाओं के चलते रुका हुआ है। इससे सबसे बड़ी बाधा 12बी को शीघ्र ही दूर किया जाएगा। इसके बाद यूनिवर्सिटी को यूजीसी से मिलने वाला फंड सीधा मिलने लगेगा।

यूनिवर्सिटी को ग्लोबल रूप देने का प्रयास है। इसके लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं। शीघ्र ही यूनिवर्सिटी में छह चेयर शुरू हो जाएंगी। हमारा प्रयास स्किल डवलपमेंट पर भी रहेगा। यूनिवर्सिटी मीरपुर गांव में विकास कार्य करा रही है। अन्य चार गांवों को भी गोद लिया जाएगा। हम चाहते हैं कि यूनिवर्सिटी से जुड़े छात्रों को बेहतर से बेहतर सुविधा मुहैया कराई जाए।
विज्ञापन

प्रो. एसपी बंसल, कुलपति, इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी, रेवाड़ी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें