नांगलमूंदी। युवा कवि कुमार विकाश के प्रथम काव्य-संग्रह अनुभूतियों के दीप का लोकार्पण अहरोद में किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में रवींद्र हाथी माजरा तथा समाजसेवी कृष्ण कुमार पहुंचे। वहीं, मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार सत्यवीर नाहड़िया ने पुस्तक की रचनाओं और उसके भाव-जगत पर आधारित प्रभावशाली संबोधन दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अध्यक्षता सेवानिवृत्त प्राचार्य ओमपाल यादव ने की। वरिष्ठ साहित्यकार नेमीचंद शांडिल्य ने पुस्तक समीक्षा प्रस्तुत करते हुए काव्य-संग्रह की भाषा, शैली, भावभूमि और रचनात्मकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
लोकार्पण उपरांत आयोजित काव्य गोष्ठी में क्षेत्र के कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वंदना गीत डॉ. कविता गुप्ता ने प्रस्तुत किया। कवि शुभ राम शास्त्री, दलबीर फूल, कैलाश शर्मा, प्रेमपाल अनपढ़, द्विजेंद्र कौशिक बटोही, यतिन चारण और स्वयं रचनाकार कुमार विकाश ने काव्य पाठ कर उपस्थित जनसमूह की खूब वाहवाही लूटी।
कार्यक्रम का संचालन विख्यात कवि मनोज कौशिक करनावास ने संभाला। इस अवसर पर ताराचंद, बीडी यादव, लक्ष्मण, भीम सिंह, रोशन लाल, कंवर सिंह, रामनिवास, देवदत्त, अतर सिंह, सत्यनारायण, प्रवीण पटवारी, अनूप, विजय सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।