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महापंचायत में भी नहीं सुलझा कोसली-भाकली विवाद

Wed, 12 Mar 2014 12:23 AM IST
कोसली (रेवाड़ी)
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कोसली-भाकली विवाद के मामले में मंगलवार शाम गांव भाकली में 21 गांवों के लोगों की महापंचायत हुई, जिसकी अध्यक्षता नाहड़ के पूर्व सरपंच कुलदीप सिंह ने की। हालांकि महापंचायत में मामले का कोई हल नहीं निकल पाया है।
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महापंचायत ने गांव कोसली के विवाद में मारे गए महाबीर और गांव भाकली की गिंदौड़ी देवी की मौत पर शोक जताया गया। भाकली के पूर्व सरपंच योगी सिंह ने कहा कि गांव में पंचायत बुलाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि गांव भाकली व कोसली गांव के बीच बढ़े विवाद को किसी भी तरह से पंचायती स्तर पर खत्म करवाया जाए।

फिर से पहले जैसा भाईचारे का माहौल बनाया जाए। इसके लिए गांव भाकली के लोग इलाके का सहयोग चाहते हैं। जिसके लिए वह पंचायत का निर्णय सिर माथे पर लेते हुए स्वीकार करेंगे। गांव मुंढ़ाणा के सरंपच सुभाष ने कहा कि गांव भाकली ग्रामीण पहले यह बताएं कि पंचायत जो भी निर्णय करेगी वह उन्हें मान्य होगा या नहीं।
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जिस पर गांव भाकली के लोगों ने सहमति जताते हुए कहा कि कमेटी जो भी निर्णय करेगी वह भाकली के ग्रामीणों को मंजूर होगा। वहीं, पंचायत में बोलते हुए गांव की महिला निर्मला देवी व लाली ने लोगों से आग्रह किया कि वह इस रोज-रोज के विवाद से परेशान हो चुकी हैं। इसलिए आज पंचायत कोई ठोस निर्णय ही लेकर ही यहां से उठे।

इसके बाद भी मामले का कोई हल नहीं निकल पाया। विवाद को सुलझाने के लिए 12 मार्च को 10:00 बजे 21 आदमियों की बनाई गई एक्शन कमेटी ब्लॉक नाहड़ में निर्णय करने के लिए बुलाई गई है। यह निर्णय मंगलवार की पंचायत के अध्यक्ष कुलदीप सिंह नाहड़ ने पंचायत में काफी विचार-विमर्श करने के बाद लिया।

ये रहे हाजिर
गांव मुंढ़ाणा के सरपंच सुभाष, नाहड़ के पूर्व सरपंच कुलदीप, बिठला के सरंपच कृष्ण, गांव लिलोढ़ से विनोद कुमार, भड़ंगी से अभय सिंह, बव्वा से ईश्वर, झोलरी से सहीराम सहित 21 गांवों के लोगों ने भाग लिया।

नहीं दी गिरफ्तारी
पंचायत होने से पहले यह चर्चा गांव भाकली से निकल कर आई कि हत्या के मामले में नामजद ग्रामीण मंगलवार शाम को सामूहिक रूप से गिरफ्तारी देंगे। इसके लिए स्थानीय पुलिस भी तैयार थी लेकिन पंचायत में इस विषय पर कोई चर्चा तक नहीं हुई।  

पंचायत से पुलिस ने बनाई दूरी
पंचायत से स्थानीय पुलिस ने दूरी बनाए रखी और दूर से ही स्थिति पर नजरें बनीं रहीं। हालांकि कोसली थाने में व कोसली शहर की धर्मशाला में अतिरिक्त पुलिस बल किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार था।   

कोसली में नहीं मनेगी होली
कोसली। कोसली-भाकली नामकरण विवाद में गांव कोसली के महाबीर की मौत होने के मामले में कोसली गांव की एक्शन कमेटी के सभी सदस्यों की मंगलवार सुबह बैठक हुई। कोसली के पंचायत घर में कर्नल विजय कोसली की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में महाबीर के परिजनों को जिला उपायुक्त की ओर से छह लाख रुपये देने पर धन्यवाद प्रस्ताव पास किया गया।

बैठक में निर्णय लिया गया कि विवाद में हुई महाबीर की मौत को ध्यान में रखते हुए शोक स्वरूप इस बार कोसली में होली का त्योहार नहीं मनाया जाएगा। सरपंच देवेंद्र सिंह की ओर से रखे गए इस प्रस्ताव का सभी सदस्यों ने स्वागत किया। कमेटी सदस्याें ने कहा कि महाबीर सिंह गांव के लिए शहीद हुआ है और उसकी आत्मा की शांति के लिए वह इस बार होली नहीं मनाएंगे। गांव के सरपंच व कमेटी के प्रधान कर्नल विजय कौशल ने सयुंक्त रूप से अध्यक्षता की। 
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