रेवाड़ी। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रोहतक के एमबीए प्रथम वर्ष के 14 विद्यार्थियों और दो पीएचडी शोधार्थियों ने सोमवार को रेवाड़ी के उपायुक्त अभिषेक मीणा से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान विद्यार्थियों ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली और विकास गतिविधियों पर विस्तार से संवाद किया। इस अवसर पर आईआईएम रोहतक के प्रोफेसर शत्रुघन यादव भी उपस्थित रहे।
यह भेंट ग्रामीण सहभागिता कार्यक्रम के तहत आयोजित की गई है। कार्यक्रम के दौरान 26 सितंबर तक विद्यार्थी जिले में ट्रैफिक प्रबंधन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और ग्रामीण जीवन से जुड़ी गतिविधियों का अवलोकन करेंगे। साथ ही वे ग्रामीणों से संवाद कर जमीनी स्तर पर जानकारी एकत्रित करेंगे।
डीसी अभिषेक मीणा ने विद्यार्थियों को जिले में लागू सरकारी योजनाओं, विकास कार्यों, आपदा प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक मुद्दों की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने प्रशासनिक चुनौतियों, नीति-निर्माण और सेवा वितरण से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका उपायुक्त ने सहज और स्पष्ट उत्तर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को स्थानीय पारिवारिक व्यवसायों का भी दौरा करने की सलाह दी, ताकि वे व्यवसायिक दृष्टिकोण से अनुभव प्राप्त कर सकें।
उपायुक्त ने कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली समझने और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का अनुभव लेने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं।
प्रोफेसर शत्रुघन यादव ने बताया कि ग्रामीण सहभागिता कार्यक्रम के तहत आईआईएम रोहतक के विद्यार्थी प्रदेश के सभी 22 जिलों में भ्रमण कर रहे हैं। विद्यार्थियों ने उपायुक्त के साथ संवाद को अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया। इस अवसर पर डीडीपीओ एचपी बंसल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।