कार्यक्रम में योग व ध्यान द्वारा तनाव प्रबंधन विषय पर जानकारी देते मुख्य वक्ता डॉ. जयपाल सिंह र
रेवाड़ी। विद्यार्थी जीवन में शिक्षा, परीक्षा, परिणाम, संबंध और पारिवारिक कारणों से तनाव होता है। यदि व्यक्ति जीवन को व्यवस्थित करे तो काफी हद तक तनाव से बचा जा सकता है। तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता लेकिन उसका सही प्रबंधन आवश्यक है। ये बातें योग विभाग के सहायक आचार्य डॉ. जयपाल सिंह राजपूत ने इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के प्रबंधन विभाग में आयोजित योग व ध्यान से तनाव प्रबंधन विषय पर आयोजित व्याख्यान में कहीं।
कार्यक्रम का आयोजन इंटीग्रेटेड एमबीए के विद्यार्थियों ने कार्यक्रम समन्वयक डॉ. भारती के नेतृत्व में किया। इसका शुभारंभ विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रितु बजाज ने किया।
इस दौरान मुख्य वक्ता सहायक आचार्य डॉ. जयपाल सिंह राजपूत कहा कि अनुशासन और समय प्रबंधन के माध्यम से न केवल तनाव को कम किया जा सकता है, बल्कि जीवन के लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।
उन्होंने शरीर, मन और मस्तिष्क पर पड़ने वाले तनाव के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी। साथ ही संतुलित खानपान को भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि जैसा अन्न खाएंगे, वैसा बने मन होगा। सत्र का समापन योग, ध्यान क्रिया और ओम के उच्चारण के साथ किया गया। सभी के स्वस्थ और सुखी जीवन की कामना की गई।
कार्यक्रम में भूमिका और शगुन ने संचालन किया। धन्यवाद प्रस्ताव छात्र रजत ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रो. समृद्धि, डॉ. जसविंदर सिंह, डॉ. देवेश अग्रवाल, शोधार्थी लक्ष्य यादव, नेहा, नीतू, ज्योति, सुरभि, नंदिनी और निशा मौजूद रहीं।