रेवाड़ी। मसानी बैराज क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण और जलभराव की समस्या को लेकर गांव तितरपुर में हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के बढ़ने का खतरा और ज्यादा बढ़ सकता है।
इलाके की भूमि की उपजाऊ शक्ति लगातार घट रही है जबकि जलस्तर बढ़ने के कारण प्रदूषित पानी ऊपर आ गया है। इससे गांव की शौचालय व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है और कई जगहों पर यह पूरी तरह फेल होने की कगार पर है। पीने का पानी भी अब सुरक्षित नहीं रहा है।
बारिश के दिनों में मसानी, तितरपुर, खालियावास और निखरी जैसे गांवों में बदबू और मच्छरों का प्रकोप इतना बढ़ जाता है कि लोगों का रात में सोना तक मुश्किल हो जाता है। सेवानिवृत्त वन अधिकारी कमल सिंह यादव के नेतृत्व में अभियान चलाया गया।
उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य मसानी बैराज को वेटलैंड घोषित कराने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण के लिए ठोस समाधान निकालना है। अब 10 अप्रैल को खालियावास, 12 अप्रैल को खरखड़ा और डूंगरवास, 14 अप्रैल को भटसाना और 19 अप्रैल को मसानी व निखरी में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।
गांवों में आम सभाएं कर लोगों को जागरूक किया जाएगा। इस मौके पर थावर सिंह, राजवीर सिंह, भागम सिंह, सतपाल, अशोक कुमार, रजनीश कुमार, सरपंच राजकुमार, विजय सिंह, नवल सिंह, हितेश और वैभव सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।