संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। बाजरा खरीद को लेकर भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी की बैठक किसान भवन में हुई। इसमें बाजरा खरीद को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर नाराजगी जताई गई। चेतावनी दी गई कि अगर सरकार ने दो दिन के अंदर बाजरा खरीद की स्थिति स्पष्ट नहीं की तो मंडी के गेट पर ताला बंद किया जाएगा।
बैठक में किसानों की बढ़ती नाराजगी और मंडी में बाजरा न आने की स्थिति पर चिंता जताई गई। किसान यूनियन के नेताओं ने कहा कि जो किसान बाजरा लेकर आ रहे हैं, उन्हें औने-पौने दाम में अपनी फसल बेचनी पड़ रही है।
कहा कि सरकार ने कहा था कि भावांतर योजना के तहत बाजरे का भाव 625 रुपये दिया जाएगा और खरीद दर 2150 रुपये होगी लेकिन अभी तक सरकारी खरीद बिल्कुल नहीं हो रही है।
प्राइवेट आढ़तियों को भी यह नहीं पता कि बाजरा की खरीद प्रक्रिया कैसे की जाए और उसे कहां बेचा जाए। इस पर किसान नेताओं ने गहरी नाराजगी जताई।
इसके बाद किसान प्रतिनिधि मंडल ने डीसी अभिषेक मीणा से मुलाकात की। डीसी ने आश्वासन दिया कि एक-दो दिन के अंदर व्यवस्था दुरुस्त कर, सुचारू रूप से बाजरा की खरीद शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने चंडीगढ़ में चर्चा की है।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार दो दिनों के भीतर बाजरा खरीद की स्थिति स्पष्ट नहीं करती और किसानों को संतोषजनक समाधान नहीं देती, तो भारतीय किसान यूनियन चढूनी रोड जाम या मंडी के गेट को बंद करने जैसे आंदोलन करने को मजबूर होगी।
इस मौके पर किसान नेता रोशन लाल दरोगा, वेद सुल्तानिया, ओपी लोहाना, राजकुमार (एससी सेल), बाबूलाल रोडवेज, ममता यादव सहित कई अन्य मौजूद थे।