फोटो : 32मंदिर में पूजा अर्चना करते भक्त। संवाद
रेवाड़ी। नवरात्र के छठवें दिन जिले के देवी मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। श्रद्धालुओं ने दर्शन कर नारियल और चुनरी चढ़ाया और सुख समृद्धि की कामना की। मंदिरों में कहीं दुर्गा चालीसा का पाठ किया गया तो कहीं महिलाओं ने देवी गीत गाकर मां का गुणगान किया।
शहर के बारा हजारी स्थित दुर्गा मंदिर, मनसा देवी मंदिर, बड़ा तालाब स्थित प्राचीन देवी मंदिर, मॉडल टाउन स्थित श्रीकृष्ण मंदिर, बावल स्थित दुर्गा मंदिर, धारूहेड़ा स्थित माता मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में दर्शन के लिए सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
श्रद्धालुओं ने लाइन में लगकर मां कात्यायनी के दर्शन और पूजन किया। इस दौरान लोगों ने कन्याओं का पूजन भी किया। साथ ही गरीब बच्चों को भोजन भी कराया।
मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था के पूरे इंतजाम किए गए। वहीं देर शाम शहर के बड़े मंदिरों में कीर्तन का आयोजन किया गया। जहां पर बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु शामिल हुईं। कीर्तन में मा कात्यायनी की महिमा का बखान करके आरती की गई।
नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा होती है। ऐसे में भक्त पूजा की तैयारियों में जुट गए हैं। मान्यता है कि जो भक्त मां की सच्चे मन से पूजा-अर्चना करते हैं, तो माता उन्हें अकाल मृत्यु से बचाती हैं। मां की आराधना करने से भक्तों को शत्रुओं का भय नहीं होता है।
इसलिए श्रद्धालुओं को इस दिन मां कालरात्रि की विशेष रूप से पूजा करनी चाहिए। मां कालरात्रि की पूजा करने से आरोग्य की प्राप्ति होती है। नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। इस मां की आराधना करने से भक्तों को विशेष कृपा प्राप्त होती है।