फोटो : 24हैफेड एमडी मुकुल कुमार कोसली मंडी में निरीक्षण करते। संवाद
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कोसली। हैफेड के प्रबंध निदेशक मुकुल कुमार ने शनिवार को कोसली की अनाज मंडी में बाजरे की गुणवत्ता और निजी खरीद प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि अगर बाजरा मापदंड के अनुरूप पाया गया तो उसकी सरकारी खरीद की जाएगी।
एमडी ने पाया कि बाजरे की खरीद के लिए सरकार ने जो मापदंड बनाए हैं, उसके अनुसार ठीक मापदंड वाले बाजरे की आवक बहुत कम है। उन्होंने मार्केट कमेटी के सचिव नरेंद्र सिंह को निर्देश दिए कि ई-खरीद के जरिए आढ़तियों ने जो बाजरा लिया है, उसका किसानों को भुगतान समय पर किया जाए और उनको भावांतर भरपाई के निर्धारित किए गए दाम 575 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ प्रदान किया जाए।
एमडी ने कहा कि यदि कोई बाजरा की ढेरी तय किए गए मापदंड के अनुरूप मिलती है तो उसकी सरकारी खरीद हो सकती है। मुख्यमंत्री ने फसल पर प्रकृति की आपदा को ध्यान में रखते हुए ही भावांतर भरपाई का नियम बाजरा खरीद में लागू कर दिया है।
उन्होंने कहा कि जो किसान मंडी में ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से आढ़ती को बाजरा की फसल बेचने के लिए आएंगे, उन्हें सरकार की ओर से भावांतर भरपाई स्कीम का लाभ दिया जाएगा।
नई अनाज मंडी में शनिवार को किसानों की काफी भीड़ उमड़ पड़ी। नई अनाज मंडी में चौतरफा ट्रैक्टर ही नजर आ रहे थे। शनिवार को मंडी में कुल 1465 गेट पास कटे हैं। 4 हजार टन बाजरा की आवक हुई है। बाजरे की गुणवत्ता सरकारी मानकों पर खरा ना उतरने की वजह से सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई है।