भिवाड़ी। खुशखेड़ा कारौली औद्योगिक क्षेत्र में अवैध रूप से चल रही पटाखा बनाने वाली फैक्टरी (प्लाट नंबर जी1, 118 बी) में सोमवार की सुबह कुल तीन धमाकों से काम कर रहे 25 मजदूरों के साथ ही आसपास के लोग दहल उठे। धमाके के बाद आग लग गई और दूर तक ऊंची लपटें नजर आने लगीं। फैक्टरी को सील कर दिया गया है। हादसे में कंकाल में तब्दील हो चुके श्रमिकों की पहचान करना मुश्किल है। अब पहचान के लिए डीएनए जांच होगी।
हादसे में 7 लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई। वहीं चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। हादसे के बाद मातम छा गया है। भीषण आग के कारण मौके पर पहुंचे राहत कर्मी फैक्टरी के पास भी नहीं जा पा रहे थे। आग बुझाने के बाद जब वे अंदर पहुंचे तो सामने खौफनाक मंजर था।
मगर फैक्टरी में अवैध तरीके से पटाखे बनाए जा रहे थे। इसके लिए यहां बारूद भी रखा था। इसी बारूद के कारण आग भड़की। आग से घिरे मजदूरों ने खुद को बचाने का प्रयास किया होगा ताकि शाम को परिवार के बीच पहुंच सकें लेकिन झुलसने से उनकी जान चली गई।
फैक्टरी के कर्मचारी सुरेश कुमार ने बताया कि अचानक धमाका होते ही आग लग गई। पुलिस और फायर ब्रिगेड आने के बाद हमें बाहर निकाल दिया गया। फैक्टरी लगभग दो महीने से चल रही थी। यहां चोरी छिपे पटाखे बनते थे। इसकी वजह से अंदर किसी को जाने नहीं दिया जाता था। गेट पर हमेशा ताला लगा रहता था।
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दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका
फैक्टरी में सोमवार सुबह 9:10 बजे धमाका हुआ और इसके बाद आग लग गई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। दो घंटे की मशक्कत के बाद 11:30 बजे आग पर काबू पाया जा सका लेकिन जब रेस्क्यू टीम अंदर पहुंची तो खौफनाक मंजर उनके सामने था। फैक्टरी में कुछ मजदूरों के कंकाल पड़े थे।
प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में
इस प्रकरण में प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। क्षेत्र में अवैध रूप से पटाखे तैयार किए जा रहे थे लेकिन इसकी भनक संबंधित विभाग को नहीं लग पाई। मौके से बड़ी मात्रा में बारूद बरामद होने के बाद प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। यदि समय-समय पर निरीक्षण और सख्ती बरती जाती तो इस तरह की गतिविधियां पनप नहीं पातीं। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि फैक्टरी संचालक और संबंधित अधिकारियों की भूमिका क्या रही।
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फैक्टरी से निकलता धुआं। संवाद
फैक्टरी से निकलता धुआं। संवाद
फैक्टरी से निकलता धुआं। संवाद