फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मैं भी सेना में भर्ती होकर पिता के अधूरे काम को करूंगा पूरा

विज्ञापन
शहीद के पार्थिव शरीर को सलामी देते सेना के जवान। संवाद - फोटो : Rewari
विज्ञापन
कोसली। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम क्षेत्र में बुधवार को आतंकियों द्वारा आईईडी से किए हमले का शिकार हुए गांव जुड्डी निवासी जांबाज सैनिक शहीद दीपक कुमार की शुक्रवार को सैनिक सम्मान के साथ अंत्योष्टि कर दी गई। मुखाग्नि से पहले 10 साल के बेटे रोहन ने भरे हुए मन से भारत माता की जय बोलते हुए सेना में भर्ती होकर पिता के अधूरे कार्य को पूरा करने का प्रण लिया।
विज्ञापन

रोहन ने कहा कि पिता ने देश के दुश्मनों से लड़ते हुए शहादत दी है, ऐसे में बड़ा होकर सेना में जाकर दुुश्मनों से बदला लेंगे। शुक्रवार को अंतिम यात्रा में भारी जन सैलाब उमड़ा। गांव राजकीय स्कूल में अंतिम संस्कार किया गया। प्रदेश के सहकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री डॉ. बनवारी लाल, भाजपा जिलाध्यक्ष मा. हुकम चंद यादव, पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह यादव, पूर्व मंत्री जगदीश यादव, उप-जिला प्रमुख जगफूल, जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम बावल मनोज कुमार सहित इलाके के अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने शहीद दीपक कुमार के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।
-83 आर्म्ड सेना के जवानों ने टुकड़ी ने दी सलामी
83 आर्म्ड सेना के जवानों और हरियाणा पुलिस की टुकड़ी ने शस्त्र झुकाकर शहीद को सलामी दी। शहीद का पार्थिव शरीर लेकर सेना का वाहन शुक्रवार को जैसे ही जुडडी गांव पहुंचा तो हर कोई अपने जांबाज सपूत को देखने उमड़ पड़ा। गौरतलब है कि गांव जुड्डी निवासी दीपक कुमार सुपुत्र स्व. श्रीकृष्ण कुमार 23 जून 2005 को 12 आर्म्ड रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। वह वर्तमान समय में कश्मीर में 24 आरआर बटालियन में तैनात थे। शव के साथ आए 12 आर्म्ड रेजिमेंट के कैप्टन मयंक सरदालिया ने बताया कि दीपक कुुमार एक निर्भीक और बहादुर जवान थे। सेना के हर कार्य को करने के लिए हमेशा आतुर रहता था। उन्होंने बताया कि बुधवार को कुलगाम में जब सुरक्षाबलों का दस्ता शम्सीपोरा इलाके में गश्त कर रहा था, तब घात लगाए बैठे आतंकवादियों ने आईईडी से विस्फोट कर दिया। इसमें दीपक कुमार शहीद हो गए, जबकि अन्य तीन जवान घायल हो गए थे।
विज्ञापन

-परिवार का इकलौता दीपक था जांबाज
सेना का वाहन दीपक के पैतृक गांव जुड्डी पहुंचा तो हर किसी की आंखें नम हो गई। इस मौके जब तक सूरज चांद रहेगा दीपक तेरा नाम रहेगा, भारत माता की जय जैसे गगनभेदी नारों के बीच शहीद दीपक कुमार का अंतिम संस्कार किया गया। बता दें कि पिता की तीन संतानो में दीपक इकलौता बेटा था। दो बहने हैं और बेटा अभी महज 10 साल का है। पिता की मृत्यु पहले ही हो चुकी है।
-शहीद दीपक के नाम से होगा खेल स्टेडियम
प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि शहीद देश की अमूल्य धरोहर हैं। दक्षिणी हरियाणा सैनिकों की खान है। सेनाओं में हर दसवां जवान हरियाणा से है। उन्होंने कहा कि शहीद दीपक कुमार का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सैनिकों और उनके आश्रितों के मान सम्मान को कटिबद्ध है। उन्होंने भारत मां के सपूत को सलाम करते हुए युवा पीढी को देश सेवा के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शहीद दीपक के बेटे रोहण कुमार को जीवन में मन लगाकर पढ़ाई करने का आशीर्वाद देते हुए हरसंभव मद्द का भरोसा दिया। सहकारिता मंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्ताव पास करके भिजवाने उपरांत शहीद दीपक के नाम से खेल स्टेडियम का नामकरण कर दिया जाएगा। उन्होंनेे शहीद दीपक कुमार के परिजनों को राज्य सरकार द्वारा हर संभव मदद का भरोसा दिया।
-प्रशासन की ओर से बावल एसडीएम रहे मौजूद
जिला प्रशासन की ओर से बावल के एसडीएम मनोज कुमार ने शहीद के परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार पर जो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, भगवान दुख की इस घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करे। उन्होंने जिला प्रशासन की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। शहीद दीपक कुमार की अंतिम संस्कार यात्रा में जिला सैनिक बोर्ड की सचिव कर्नल सरिता यादव, डीएसपी महेंद्र सिंह, एसएचओ शिवचरण, तहसीलदार जितेंद्र कुमार, नाहड के नायब तहसीलदार अस्तित्व पाराशर, सरपंच राजेंद्र सिंह, 83 आर्म्ड रेजिमेंट के रीसलदार कृष्ण सिंह, 12 आर्म्ड रेजिमेंट के नायब रिसलदार सुखविंद्र सिंह, रामफल कोसलिया, बिटटू, प्रशांत यादव, अजय भारतीय, बलजीत यादव, निशांत यादव, मनोज कोसलिया, भाजपा किसान मोर्चा के नेता रामपाल यादव, ओमप्रकाश सहित कोसली क्षेत्र के अनेक संगठनों के पदाधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों ने उनकी अंत्योष्टि में भाग लिया।

कोसली के गांव जुड्डी में अपने पिता के पार्थिव शरीर को सलाम करता बेटा रोहन। संवाद- फोटो : Rewari

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें