संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। निजी विद्यालयों की तर्ज पर सभी राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों के आई कार्ड बनाए जाएंगे। आई कार्ड में अध्यापकों का नाम, पद, आईडी, जिला, संपर्क नंबर व पता दर्ज होगा।
आई कार्ड पर निपुण हरियाणा टीचर एप व निपुण हरियाणा व्हाट्सएप का बार कोड दिया जाएगा। विभाग की ओर से निपुण हरियाणा के तहत बाल वाटिका से लेकर कक्षा पांचवीं तक के अध्यापकों के आई कार्ड बनाए जाएंगे। जिलेभर में 393 राजकीय प्राइमरी विद्यालयों में लगभग 1350 अध्यापकों के आई कार्ड बनाए जाने हैं। वहीं, शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों के आई कार्ड बनने के लिए दे दिए गए हैं। कई अध्यापकों के आई कार्ड बनकर आ भी चुके हैं।
अध्यापकों के पास पहचान के तौर पर कोई आई कार्ड नहीं होता है। अध्यापकों को विभाग के कार्य के लिए कई बार आई कार्ड की जरूरत पड़ती थी। आई कार्ड होने पर अध्यापकों की अलग से पहचान रहेगी। अभिभावक संबंधित अध्यापक के बारे में आई कार्ड के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और विद्यालय में आकर अभिभावकों से अपने बच्चों की प्रगति रिपोर्ट के बारे में आसानी से पता कर सकेंगे।
शिक्षा विभाग लगातार कर रहा ये कोशिश
शिक्षा विभाग की तरफ से लगातार सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों तरह बनाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए शिक्षा विभाग नई-नई योजनाएं भी ला रहा है। हाल ही में शिक्षा विभाग ने प्रतिष्ठित निजी स्कूलों के मुखियाओं से मिलकर एक रूपरेखा तैयार करने के निर्देश सरकारी स्कूलों को दिए हैं। ताकि प्राइवेट स्कूलों की तरह सरकारी स्कूलों में भी सुविधाओं को लाकर बच्चों का आकर्षित किया जा सके।
वर्जन
शिक्षा निदेशालय की ओर से निपुण हरियाणा के तहत बाल वाटिका से लेकर कक्षा पांचवीं तक के अध्यापकों के आई कार्ड बनाने के निर्देश मिले हैं। इसके तहत जिले के सभी राजकीय प्राथमिक विद्यालय के अध्यापकों के आई कार्ड बनाने को लेकर सभी मुखियाओं को पत्राचार के माध्यम से सूचित किया गया है।-चरण सिंह, जिला एफएलन कोऑर्डिनेटर, रेवाड़ी।