रेवाड़ी। प्रदेश सरकार की ओर से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की हाजिरी अब मोबाइल एप के जरिए जियो फेंसिंग सिस्टम से लगाने का निर्णय लिया गया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने इस फैसले का पुरजोर विरोध शुरू कर दिया है।
विरोध जताने के लिए वीरवार को विभाग की विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधियों ने सांकेतिक भूख हड़ताल सुबह 9 से शाम 5 बजे तक की। इसमें प्रत्येक यूनियन से दो-दो पदाधिकारी शामिल हुए। कर्मचारियों का कहना है कि यह व्यवस्था उनकी निजता पर हमला है और इससे साइबर सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा होगा।
भूख हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार का यह कदम जल्दबाजी में उठाया गया है। बिना कर्मचारियों की सहमति और बिना सुरक्षा मानकों को स्पष्ट किए मोबाइल पर थर्ड पार्टी एप इंस्टॉल करवाना जोखिमपूर्ण है।
उनका कहना था कि सरकार ने इसके लिए अलग से कोई मोबाइल उपलब्ध नहीं कराया है और न ही कोई अलाउंस निर्धारित किया है। ऐसे में निजी मोबाइल फोन पर यह एप इंस्टॉल करना उनकी व्यक्तिगत सूचनाओं के दुरुपयोग का कारण बन सकता है। इसके लिए अलग से मोबाइल की जरूरत है।
यह एप सुरक्षित नहीं, अलग से मोबाइल की जरूरत
डॉ. दीपक वर्मा, डॉ. सुधा, डॉ. विद्यासागर ने कहा कि यह एप सुरक्षित नहीं है और कर्मचारियों के डेटा को खतरे में डालता है। सरकार हमसे जबरन थर्ड पार्टी एप इंस्टॉल करवा रही है। हमारी लोकेशन, निजी जानकारी और बाकी डेटा किसी भी बाहरी सर्वर तक पहुंच सकता है। यह हमारी निजता का सीधा उल्लंघन है और हम इस निर्णय का विरोध करते हैं। उन्होंने साफ कहा कि अगर सरकार जियो फेंसिंग सिस्टम लागू करने पर अड़ी रही तो आंदोलन तेज किया जाएगा। आगे कहा कि इस ऐप से साइबर क्राइम बढ़ने का खतरा है। अगर बैंक अकाउंट या किसी और निजी जानकारी का दुरुपयोग हुआ तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
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ये रहे मौजूद
भूख हड़ताल में डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, लैब टेक्नीशियन, एमपीएचडब्ल्यू, एनएचएम, फार्मेसी, मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन, रेडियोग्राफर यूनियन, ओटी स्टाफ और एचकेआरएन के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमें कांता कुमार, रमन कुमार, राजबाला, माया, संतोष, सतीश यादव, सुरेंद्र, संदीप, ज्ञानेंद्र, रतन, अजय कुमार, रमेश कुमार, प्रवीन, समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।