संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। आयुष्मान भारत योजना के तहत पैनल में शामिल निजी अस्पतालों ने बकाए का भुगतान नहीं होने से आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज करना बंद कर दिया है। इन अस्पतालों में तीन दिनों से आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों का उपचार ठप है। इन निजी अस्पताल में उन्हीं मरीजों का इलाज चल रहा है जो तीन दिन पहले भर्ती थे। नए आने वाले मरीजों को सरकारी अस्पताल या पीजीआई के लिए रेफर किया जा रहा है।
जिले के 25 निजी अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के पैनल में शामिल हैं। इसके तहत विभिन्न बीमारियों का निशुल्क उपचार और आपरेशन किया जाता है।
पैनल में शामिल अस्पतालों में प्रतिदिन औसतन 250 से 300 आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों का मुफ्त उपचार और 50 से अधिक मरीजों का आपरेशन किया जाता है। तीन दिनों से यहां आने वाले मरीजों को रेफर किया जा रहा है।
15 से 20 करोड़ रुपये हैं बकाया : इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और आयुष्मान भारत योजना के पैनल में शामिल अस्पताल संचालकों का कहना है कि पैनल में शामिल जिले के अस्पतालों का 15 से 20 करोड़ रुपये बकाया है। आईएमए का कहना है कि सरकार लाभार्थियों की संख्या तो बढ़ा रही है लेकिन उपचार करने वाले अस्पतालों को भुगतान नहीं किया जा रहा है।
समय पर भुगतान नहीं किए जाने से ब्याज भी बढ़ रहा है। इसका भी अस्पतालों को लाभ नहीं मिल रहा है। चिकित्सीय उपकरण, दवाइयां और अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। पूरी पारदर्शिता के साथ बिल लगाने पर भी विभिन्न प्रकार की आपत्तियां दिखाकर भुगतान रोका जा रहा है। कई बार शिकायत और आग्रह करने के बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता।
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जितनी बार भी अधिकारियों और सरकार से बातचीत हुई, हमेशा आश्वासन ही मिला है। सरकार की ओर से किसी प्रकार की कोई पहल नहीं की जा रही है। इससे आमजन और निजी अस्पतालों के प्रति उदासीन रवैया का पता चलता है। आमजन परेशान हैं यह अधिकारियों और सरकार को भी पता है लेकिन समाधान के लिए पहल नहीं किया जा रहा है।-डॉ. दीपक शर्मा, अध्यक्ष, आईएमए।