भिवाड़ी (रेवाड़ी)। खुशखेड़ा कारौली औद्योगिक क्षेत्र में 16 फरवरी की सुबह अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट में सात लोगों की मौत मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी हेमंत सचदेवा को उसके दिल्ली स्थित आवास से गिरफ्तार किया है।
एसपी भिवाड़ी मनीष कुमार ने बताया कि हेमंत सचदेवा को दिल्ली स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर उसे भिवाड़ी लाया गया है। इससे पहले पुलिस ने फैक्टरी संचालक हेमंत कुमार शर्मा और सुपरवाइजर अभिनंदन तिवारी को घटना के दूसरे ही दिन गिरफ्तार कर लिया था।
शुरुआत में दर्ज एफआईआर में प्लॉट मालिक राजेंद्र कुमार का नाम शामिल था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान हेमंत सचदेवा का नाम सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने उसे मुख्य आरोपी के रूप में चिह्नित किया था। हेमंत सचदेवा को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया जहां पुलिस ने उसकी रिमांड मांगी है। पुलिस अब उससे पूछताछ करेगी।
एसपी ने आगे बताया कि जांच में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी। हेमंत सचदेवा ने पूछताछ में कई अन्य ठिकानों के बारे में जानकारी दी है, जहां पुलिस टीमें छापा डाल रही हैं।
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पुलिसकर्मियों की संदिग्ध भूमिका की चल रही जांच
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है कि जांच में पुलिसकर्मियों की संदिग्ध भूमिका सामने आ रही है। भिवाड़ी डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम में तैनात हेड कांस्टेबल योगेश कुमार शर्मा और डीएसटी प्रभारी मुकेश वर्मा की भूमिका पर जयपुर विजिलेंस टीम जांच कर रही है। इस संबंध में भिवाड़ी डीएसटी विंग को भंग कर दिया गया है और जांच तेज हो गई है। गिरफ्तार हेमंत कुमार शर्मा हेड कांस्टेबल योगेश कुमार शर्मा का भाई है। विजिलेंस टीम अब सभी संबंधित पुलिसकर्मियों से अलग-अलग पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सोमवार को आएगी डीएनए रिपोर्ट
हादसे के बाद सभी 7 शवों को टपूकड़ा सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। 17 फरवरी को इन शवों के डीएनए सैंपल लेकर जयपुर की लैब में भेजे गए थे। सभी सैंपल फेल हो गए हैं, क्योंकि सैंपल लेते समय कोई फॉरेंसिक डॉक्टर टीम में शामिल नहीं था और प्रक्रिया सही तरीके से नहीं हो पाई। इसके बाद उच्च अधिकारियों के आदेश पर दोबारा सभी 7 शवों के डीएनए सैंपल लेकर लैब भेजे गए हैं। अब रिपोर्ट सोमवार तक आने की संभावना जताई जा रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही शवों की सही पहचान हो सकेगी और उन्हें परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा।