संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। मौसम में बदलाव के साथ ही नागरिक अस्पताल में हृदय रोग और अस्थमा के मरीज भी बढ़ गए हैं। दिल और अस्थमा से सबसे अधिक बुजुर्ग पीड़ित हो रहे हैं। पहले नागरिक अस्पताल में दिल व अस्थमा के 4-5 मरीज आ रहे थे लेकिन अब रोजाना 8 से 10 केस आ रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार इस समय सर्द हवा चल रही है। तापमान की गिरावट के चलते बीपी (ब्लड प्रेशर) में इजाफा होता है। इस मौसम में डाइट में घी, ड्राई फ्रूट, मक्खन, नमक, चीनी ज्यादा शामिल होती है। इसके कारण ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। बीपी बढ़ने से दिल का दौरा और स्ट्रोक पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। चिकित्सकों ने बताया कि इस दौरान बीपी पर खास नजर रखी जाए और नियमित जांच करते रहें। बुजुर्गों को बीपी की दवाई भी लगातार लेनी चाहिए। डाइट का खास ख्याल रखें और ज्यादा घी, मक्खन, ड्राई फ्रूट वाली डाइट से परहेज करें। मॉर्निंग वॉक से भी परहेज करना चाहिए। हालांकि धूप भी कम निकल रही है, लेकिन जब हल्का मौसम खुले तभी बाहर निकलें, ताकि ठंडी हवा से सामना न हो।
ये है ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण
सर्दी के मौसम में बीपी बढ़ जाता है जिससे हृदयाघात का खतरा रहता है। एक्टिविटी कम, कम पसीना, डाइट में बदलाव इस खतरे को और भी बढ़ा रहे हैं। लोगों को बीपी की दवाइयों को सही करवाने की जरूरत होती है। बहुत ज्यादा ठंड में बाहर न निकलें। कम उम्र के लोग जो धूम्रपान, शराब का सेवन ज्यादा करते हैं उनके लिए भी खतरा ज्यादा है। ये छाती या दिल में दर्द बाजू, कंधे, गले, जबड़े या पीठ में ऊपरी हिस्से या पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, सांस चढ़ना, पसीना आना, एकदम से कमजोरी आना, चक्कर आना, बीपी में गिरावट और अंधेरा आ जाना शामिल हैं।
वर्जन
इस मौसम में बुजुर्गों को सावधानी बरतनी चाहिए। असंतुलित आहार-विहार, कम एक्सरसाइज के चलते बीपी और शुगर बढ़ता है। इससे हृदयाघात के केस बढ़ रहे हैं। घर में एक एमरजेंसी किट बना कर रखें। इस किट में जरूरी दवाई रखनी चाहिए।-डॉ. मनीष, एमडी मेडिसिन ।