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सुचारु हुई नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं

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कोरोना टेस्ट के लिए खड़े मरीज। - फोटो : Rewari
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जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार धीमी होने लगी है। संक्रमण के मामले कम होने के साथ चिकित्सकों और स्टाफ सदस्यों की सेवाएं भी स्वास्थ्य केंद्रों पर लगने लगी हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में अब तक 140 मेडिकल स्टाफ कोरोना संक्रमित हो चुका है जिनमें में 125 कोरोना संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं। 15 मेडिकल स्टाफ अभी भी होम आइसोलेटिड है। वहीं मेडिकल ऑफिसर की बात की जाए तो 26 कोरोना संक्रमित हो चुके हैं जिनमे से 21 रिकवर हो चुके हैं। इसके अलावा मरीजों का कहना है कि चिकित्सक पहले कोरोना टेस्ट करवाने की बोलते हैं उसके बाद रिपोर्ट देखकर ही परामर्श देते है। इसके अलावा पांच केस अभी भी एक्टिव है। चिकित्सक और स्टाफ सदस्य भी हुए स्वस्थ पिछले दिनों कोरोना से चिकित्सक के साथ अन्य स्टाफ सदस्य भी संक्रमित हुए थे। इस कारण ओपीडी सेवाएं बाधित रही थीं। अब कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आई तो वे अपनी ड्यूटी पर लौटने लगे तो चिकित्सक मरीज देखने लगे हैं।
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ड्यूटी पर लौट रहे स्टाफ सदस्य
कुछ स्टाफ अभी भी संक्रमित होने के कारण एकांतवास में हैं। क्वारंटाइन अवधि समाप्त होने के बाद अपनी ड्यूटी पर लौट रहे हैं। कुछ स्टाफ अभी भी संक्रमित होने के कारण एकांतवास में हैं। क्वारंटाइन अवधि समाप्त होने के बाद अपनी ड्यूटी पर लौट रहे हैं। सामान्य आपरेशन नहीं हो रहे नागरिक अस्पताल में आपातकाल के और प्रसूति को छोड़कर बाकी ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों और स्टाफ सदस्यों की कोविड ड्यूटी में व्यस्तता के चलते सामान्य आपरेशन पर रोक लगी हुई है। कोरोना संक्रमण के मामले कम होने की यही रफ्तार रहती है तो जल्द बाकि शल्य क्रिया भी आरंभ होने की संभावना है।
मरीजों ने बताया पहले कोरोना टेस्ट, फिर ओपीडी
अस्पताल में इलाज कराने के लिए आए मरीजों ने बताया कि चिकित्सकों द्वारा पहले कोरोना टेस्ट के बाद रिपोर्ट देखकर ओपीडी की जाएगी। उन्होंने बताया कि आरटीपीसीआर की रिपोर्ट आने में समय लग जाता है। ऐसे में कोई मरीज को तुरंत परामर्श चाहिए तो वो कैसे इलाज कराएगा। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना को ध्यान में रखते हुए निर्णय को लिया गया है ताकि कोरोना संक्रमण को कम किया जा सके।
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मैं नागरिक अस्पताल में इलाज कराने के लिए आया हूं लेकिन डॉक्टर ने पहले कोरोना टेस्ट करवाने के लिए बोला है। इससे पहले मैने पांच बार टेस्ट करवाया है। रिपोर्ट आने के बाद ही चिकित्सक परामर्श देंगे। देखा जाए तो कोरोना संक्रमण को कम करने के अस्पताल की ओर जरूरी कदम उठाए गए हैं मगर मरीजों को भी परेशानी होती है। रिपोर्ट आने में समय भी लग सकता है। ऐसे में कोई मरीज गंभीर हालात हो तो उसका इलाज कैसे हो पाएगा।
कुंदनलाल, जैतड़ावास
मुझे खांसी की समस्या है चिकित्सक ने मुझे पर्ची पर कोरोना का टेस्ट लिखा है। रिपोर्ट आने के बाद ही चिकित्सक अपना परामर्श देंगे। ऐसे में मरीजों को काफी इंतजार करना पड़ सकता है। अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो सारा काम काज छोड़कर घर एकांतवास में रहना होगा। मरीजों को लेकर परेशानी तो है ही।
-नीतू, मसीत।
अधिकांश चिकित्सक ड्यूटी पर आ गए है। व्यवस्थाएं सुचारु रूप से चल रही है। कुछ चिकित्सक होम आइसोलेटिड है जो स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में है। अगर किसी मरीज को कोरोना के लक्षण दिख रहे है तो वो अपना कोरोना टेस्ट जरूर कराएं ताकि कोरोना संक्रमण का पता लग सके। हमारी कोशिश है कि मरीजों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो समय पर उनको इलाज की सुविधा मिल सके। इसके अलावा लोग कोरोना नियमों का पालन जरूर करें।
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-डॉ. कृष्ण कुमार, सिविल सर्जन।
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