रेवाड़ी। जिले के 365 गांवों के 643 सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की हर माह जांच की जाएगी। सेहत कार्यक्रम के तहत सभी स्कूलों में इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। मेडिकल उपकरण खरीदने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से सभी स्कूलों को 13.50 लाख रुपये की राशि जारी कर दी गई है। बताया जा रहा कि स्कूल के बच्चों में शारीरिक विकास को लेकर अभिभावकों की शिकायतें आ रही थीं, जिसके बाद विभाग द्वारा यह कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया है।
जानकारी के अनुसार नए साल यानी जनवरी 2023 से जिले के सभी सरकारी स्कूलों में इस कार्यक्रम की शुरूआत हो जाएगी। शिक्षा विभाग ने जिले के कुल 397 प्राइमरी, 95 मिडिल, 55 हाई और 96 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को इन सभी जांचों के लिए उपकरण खरीदने के लिए 13.50 लाख की राशि जारी की गई है। इनमें लंबाई जांच मशीन के लिए 1000 रुपये, वजन जांच मशीन के लिए भी 1000 रुपये व आंखें चेक करने के लिए 100 रुपये शिक्षा विभाग द्वारा रखे गए हैं।
शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखना है। इसके तहत ही राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के वजन की जांच की जाएगी। अगर किसी छात्र का वजन कम पाया जाएगा तो चिकित्सकों से जांच करवाकर वजन कम होने के कारणों के बारे में पता किया जाएगा। लंबाई के अनुसार सही वजन प्राप्त करने के लिए सही खुराक अपनाने के लिए जागरूक किया जाएगा।
शिक्षा विभाग की ओर से चलाए जा रहे कार्यक्रम में सरकारी स्कूलों के बच्चों के हेल्थ की लगातार निगरानी की जाएगी। इसके लिए प्राइमरी स्कूलों में प्रति स्कूल 1 व 6 से 12वीं तक के लिए प्रति स्कूल दो हेल्थ अंबेसडर की नियुक्ति की गई है। बच्चों के स्वास्थ्य का रिकार्ड पोर्टल पर अपडेट करेगा।
वर्जन
सेहत कार्यक्रम में जिले की सभी सरकारी स्कूलों के बच्चों की जांच की जाएगी। जिन बच्चों को किसी भी प्रकार की परेशानी है, उनकी जांच कर स्वास्थ्य विभाग की मदद से बीमारी का उपचार किया जाएगा। इससे सरकारी स्कूल के बच्चों के स्वास्थ्य को ठीक रखने में काफी सफलता मिलेगी। जनवरी से टीम अलर्ट हो जाएगी।
-हेमंत कुमार, जिला सहायक परियोजन समन्वयक रेवाड़ी।