रेवाड़ी। प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने जिले के 5 गांवों लिसान, करावरा मानकपुर, रोहड़ाई, जयसिंहपुरा और झाबुआ में नए आयुष औषधालय खोलने की स्वीकृति प्रदान की है। इन गांवों में आयुष औषधालय खुलने से ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
प्रत्येक औषधालय के निर्माण और सेटअप पर लगभग 60 लाख खर्च किए जाएंगे, जिससे कुल 3 करोड़ का निवेश स्वास्थ्य ढांचे पर होगा।
अभी इन गांवों के आसपास कोई आयुष डिस्पेंसरी नहीं है। इन नए केंद्रों केंद्रों के खुलने से न केवल संबंधित गांवों बल्कि उनके आसपास की दर्जनों ढाणियों और छोटे गांवों के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
इन गांवों की ग्राम पंचायतों ने काफी समय पहले औषधालय खोलने के प्रस्ताव पारित कर निदेशालय को भेजे थे। विभाग ने जांच और फिजिबिलिटी रिपोर्ट में पाया कि इन पांचों गांवों के 8 किलोमीटर के दायरे में वर्तमान में कोई भी आयुष डिस्पेंसरी उपलब्ध नहीं है। इसी दूरी और आवश्यकता को आधार मानते हुए सरकार ने अब इन्हें मंजूरी दी है।
लोगों को होंगे ये लाभ : आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी पद्धति से ग्रामीणों को असाध्य रोगों का उपचार बिना किसी दुष्प्रभाव के मिल सकेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्गों को जोड़ों के दर्द, गैस और अन्य पुरानी बीमारियों के लिए शहर नहीं भागना पड़ेगा। इन औषधालयों को धीरे-धीरे हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां योग प्रशिक्षकों के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली सिखाई जाएगी।
संसाधनों की है चुनौती
जिले में आयुष सेवाओं का विस्तार तो हो रहा है लेकिन स्टाफ की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। जिले में वर्तमान में 18 आयुष औषधालय संचालित हैं। इनमें राहत की बात यह है कि सभी केंद्रों पर चिकित्सकों के पद भरे हुए हैं लेकिन फार्मासिस्ट पर्याप्त नहीं हैं। वर्तमान में चल रहे 18 केंद्रों में सिर्फ 9 में फार्मासिस्ट तैनात हैं, जबकि शेष केंद्रों पर काम प्रभावित हो रहा है। नए केंद्रों के खुलने के बाद स्टाफ प्रबंधन बड़ी जिम्मेदारी होगी।
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वर्जन
जिन गांवों की ओर से काफी समय पहले प्रस्ताव भेजे गए थे। उनमें अगर आयुष औषधालय खुलते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। औषधालय खोलने को लेकर जैसा निर्देश आएगा, उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. बसंत सोनी, जिला आयुष अधिकारी।