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आनंद नगर के अर्बन हेल्थ सेंटर पर लगाया ताला

Sun, 03 Apr 2016 12:47 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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स्‍वास्‍थ्य केंद्र बंद होने पर रोष जतातीं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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स्वास्थ्य विभाग ने सरकार के आदेश के बाद आनंद नगर स्थित अर्बन हेल्थ सेंटर पर ताला लगा दिया है। इस स्वास्थ्य केंद्र पर 31 कॉलोनी के करीब साठ हजार लोग इलाज के लिए आते हैं। यूपीएचसी के बंद होने की खबर पर शनिवार को कॉलोनियों की महिलाओं ने यूपीएचसी पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग एवं सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। गौरतलब है कि अर्बन हेल्थ मिशन के तहत जिले में चार पीएचसी 2009 में खोली गई थी। लोगों का आरोप है कि पीएचसी को राजनैतिक कारणों से बंद किया जा रहा हैं, क्योंकि बाकी तीनों पीएचसी अभी भी चल रही हैं।
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जानकारी के अनुसार जिले में आनंद नगर, राजीव नगर, कुतुबपुर एवं गांव आकेड़ा में चार यूपीएचसी जून 2009 में खोली गई थी। इसके बाद कम मरीजों का हवाला देकर सरकार ने चार महीने पहले आनंद नगर एवं राजीव नगर स्थित हेल्थ सेंटर बंद करने का फरमान सुना दिया था।

इसके बाद यहां के लोगों ने स्थानीय विधायक एवं बीस पार्षदों के सामने पीएचसी बंद नहीं होने देने की गुहार लगाई। विधायक एवं पार्षदों ने मुख्यमंत्री के सामने लोगों की समस्या रखने का आश्वासन दिया था। बाद में स्वास्थ्य विभाग ने यहां की 60 हजार आबादी के लोगों के हेल्थ को दरकिनार करते हुए स्वास्थ्य विभाग को एक अप्रैल से यूपीएचसी को बंद करने का नोटिस थमा दिया।
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जनप्रतिनिधियों से लगाई गुहार, नहीं हुई सुनवाई
यूपीएचसी बंद होने की सूचना से आक्रोशित लोग दोपहर साढ़े बारह बजे स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे तथा स्वास्थ्य विभाग एवं सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्वास्थ्य केंद्र को खोलने की मांग की। महिपाल, रामसिंह, सोनू, रामजीलाल, छोटा, बाला, भतेरी देवी, बनारसी, संजीता, रेखा, माया, बिमलेश, सुनिता, कमलेश, सुमन एवं बबीता ने कहा कि यूपीएचसी के बंद होने से उन्हें इलाज के लिए दूर जाना पड़ेगा। महिलाओं की सबसे बड़ी पीड़ा यह थी कि गर्भवती महिलाएं यहां अकेली आकर भी अपने स्वास्थ्य की जांच करा सकती थी, लेकिन अब उनके सामने मुसीबत खड़ी हो जाएगी। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग एवं सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह सभी जन प्रतिनिधियों के सामने गुहार लगा चुके थे, लेकिन उनकी नहीं सुनी गई। उन्होंने कहा कि शहर में बाकी तीन यूपीएचसी चल रही है, जबकि केवल आनंद नगर की यूपीएचसी को बंद कर दिया गया।

 गर्भवती महिलाओं के लिए नियुक्त थी 6 एएनएम
आंनद नगर स्थित अर्बन प्राइमरी हेल्थ सेंटर मेें सरकार ओर से 6 एएनएम, एक स्टाफ नर्स, एक लैब टेक्नीशियन, एक डॉक्टर, एक फार्मेसिस्ट एवं एक कंप्यूटर ऑपरेटर नियुक्त किए गए थे। सरकार की जननी सुरक्षा योजना के तहत दस हजार की आबादी पर एक एक एनएनम नियुक्त की गई थी। उक्त एएनएम की जिम्मेदारी दस हजार की आबादी में रहने वाली गर्भवती महिलाओं की जांच करने का था। अब स्वास्थ्य केंद्र बंद होने पर गर्भवती महिलाओं के साथ अन्य रोगों से पीड़ित महिलाओं को नागरिक अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ेंगे। गौरतलब है कि उक्त यूपीएचसी पर बीस से ज्यादा ओपीडी आए दिन होती थी। वहीं गर्भवती महिलाओं की संख्या अलग है।

ये कॉलोनियां होंगी प्रभावित
आनंद नगर, शांति नगर, दुर्गा कॉलोनी, मेहरवाड़ा, टंडुवाड़ा, अर्जुन नगर, घिसा की ढाणी, साधुसाह नगर, जैन सभा, देहली गेट, कायस्थवाड़ा, संघी का बास, नया गांव, भीम बस्ती, मधु विहार, आजाद नगर, तेजपुरा, बंजारवाड़ा, सज्जा कॉलोनी, शिव नगर, टीपी स्कीम गौतम नगर, नई आबादी, कायस्थवाड़ा द्वितीय, नई आबादी द्वितीय, चौधरीवाड़ा, नई बस्ती, द्वितीय एवं तृतीय, जैनपुरी एवं सैयद सराय आदि।
वर्जन
उच्चाधिकारियों की ओर से दिशा-निर्देश मिले थे। इसके बाद एक टीम ने आकर सर्वे किया था। जिसमें पाया गया कि आनंद नगर यूपीएचसी में ओपीडी कम है। इसलिए उसे बंद किया गया है।
डॉ पुष्पा बिश्रोई, सीएमएचओ

स्वास्थ्य मंत्री ने उनकी मांग को मान लिया था, लेकिन यहां के अधिकारियों ने नागरिक अस्पताल से इसकी नजदीकि का हवाला देकर इसको बंद करने की रिपोर्ट दी है। मैने एक बार फिर से स्वास्थ्य मंत्री को लिखा है। मुझे आशा है कि यह दोबारा शुरू हो जाएगी।
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-रणधीर सिंह कापड़ीवास,विधायक रेवाड़ी।
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