रेवाड़ी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की संवेदनहीनता के चलते जिले के लोगों के स्वास्थ्य के साथ रोजगार पर भी संकट खड़ा हो गया है। शनिवार को स्वास्थ्य केंद्रों पर टीका लगवाने पहुंचे लोगों ने जिम्मेदारों को खूब कोसा और अपना दर्द सुनाया। अमर उजाला की ओर से कोसली, बावल व खोल क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों में पड़ताल की गई तो हालात एक जैसे नजर आए। पहली डोज तो दूर लोगों को दूसरी डोज लगवाने के लिए भी कड़ी मशक्कत के बाद भी कुछ हासिल नहीं हो पा रहा है।
हालात ऐसे हैं कि शनिवार को टीकाकरण पूरी तरह से बंद रहेगा, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इसकी जानकारी देनी तक उचित नहीं समझी। यदि ऐसा किया होता तो शायद लोगों 20-20 किमी दूरी तय कर खाली हाथ नहीं लौटना पड़ता। संवेदनहीनता इसलिए है कि टीकाकरण कराने पहुंच रहे 80 साल से ऊपर के बुजुर्ग पुरुष व महिलाएं दोनों शामिल हैं। बता दें कि जिले में 18 जुलाई के बाद से टीके की एक भी डोज नहीं आई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बची हुई डोज से ही खानापूर्ति की जा रही है। पहली डोज के लिए युवा वर्ग बेहद परेशान है। दूसरी डोज के मैसेज आने के बाद भी डोज नहीं लग पा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने बकरीद पर व शनिवार को पूर्व में सूचना दिए बगैर सभी सेंटर बंद कर दिए।
कंपनी ने भी हटा दिया : अशोक सांजरपुर
सांजरपुर निवासी अशोक ने बताया कि 15 दिन पहले ऑनलाइन पंजीकरण कराया था। इसके बाद से लगातार बावल सीएचसी आ रहा हूं, लेकिन नंबर नहीं आया। कंपनी में बिना वैक्सीन अंदर नहीं जाने दिया जाता है। टीकाकरण नहीं होने के चलते कंपनी ने नौकरी से निकाल दिया है। ऐसे में अब परिवार के सामने रोजी- रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
मैसेज आया था, अब बोले डोज नहीं है : हेतराम लालपुर
लालपुर निवासी हेतराम ने बताया कि शनिवार के लिए डोज लगने का मैसेज आया था। जलियावास की कंपनी में तभी प्रवेश मिलेेगा जब टीका लगेगा। बावल सीएचसी में सुबह सात बजे टीका लगवाने के लिए पहुंच गया था। अब कहा जा रहा है कि डोज नहीं है। डोज नहीं थी तो मैसेज क्यों किया गया। इस तरह से गरीब लोगों के साथ मजाक किया जा रहा है, नौकरी के साथ जीवन पर भी खतरा है।
दूसरी डोज का समय हो चुका : रमेश बावल
रमेश बावल ने बताया कि दूसरी डोज लगवाने का समय पूरा हो चुका है। रोज चक्कर काट रहा हूं, नंबर नहीं आ रहा है। शनिवार को आया सुबह जल्द आया तो डोज खत्म का बहाना बताया जा रहा है। डोज नहीं है तो लोगों को पहले सूचना देनी चाहिए। कोई ढंग से बात करने को भी तैयार नहीं है। टीकाकरण के नाम पर लोगों के साथ मजाक किया जा रहा है।
लोगों को परेशान करना गलत : नारायणी देवी
खुर्रमपुर निवासी 82 वर्षीय नारायणी देवी ने कहा कि टीके के नाम पर लोगों को परेशान करना गलत है। इतनी उम्र में खुद आना भी मुश्किल रहता है, परिवार के लोग को साथ लेकर आना पड़ता है। दूसरी डोज लगवाने के लिए मैसेज आ रहा था। यहां पर अब डोज नहीं होने का हवाला दिया जा रहा है। यदि डोज खत्म है तो सूचना देनी बनती है, लेकिन इनको किसी की परेशानी से कोई मतलब नहीं है।
कोविड टीका प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अशोक कुमार से बातचीत...
प्रश्न: कब तक टीकाकरण दोबारा शुरू होगा?
उत्तर: अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है।
प्रश्न- डोज मिलने की कोई सूचना कब तक मिलेगी ?
उत्तर: आज शाम कुरुक्षेत्र पहुंची है, रविवार को 6 हजार डोज 11 बजे तक आने की उम्मीद है।
प्रश्न: टीका नहीं लगने की सूचना पहले क्यों नहीं दी जाती, लोग परेशान होते हैं।
उत्तर: मैं घर-घर जाकर थोड़ा ही सूचना देकर आऊंगा।
प्रश्न: डीपीआरओ के माध्यम से बाकी सूचनाएं भी तो दी जाती हैं?
उत्तर: पहले डीपीआरओ खुद फोन कर भी पूछता था, यह मैसेज तक नहीं देखता है।
प्रश्न: आप लोगों के बीच कोऑर्डिनेशन के अभाव में लोग क्यों परेशान हों?
उत्तर: पहले भी सूचना दी जाती रही है।
लोकसंपर्क अधिकारी राजन शर्मा से बातचीत....
प्रश्न: लोग परेशान होते हैं, आपकी ओर से टीके खत्म होने की सूचना क्यों नहीं दी गई?
उत्तर- पहले दी गई थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में फेरबदल की शिकायतें आईं।
प्रश्न: टीका प्रतिरक्षण अधिकारी का कहना है कि आप मैसेज तक नहीं देखते हैं?
उत्तर- मेरे पास आज तक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी की ओर से कोई मैसेज नहीं किया गया।
प्रश्न- लोग परेशान होते हैं, इसका समाधान क्या है?
उत्तर- सोमवार को सीएमओ के साथ बैठक कर व्यवस्था को ठीक किया जाएगा।