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Rewari News: हंस नगर धमाका... पिता-पुत्री की मौत पर पहुंचे पूर्व मंत्री, परिवार को दी सांत्वना

Sun, 12 Jul 2026 11:40 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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टांकड़ी गांव में मृतक परिवार के घर पहुंचे पूर्व मंत्री डॉक्टर बनवारी लाल। स्रोत : प्रवक्ता
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बावल। शहर के हंस नगर में 5 जुलाई को हुए धमाके में झुलसे पिता-पुत्री की मौत के बाद रविवार को पूर्व मंत्री डॉ. बनवारी लाल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने गांव टांकड़ी जाकर मृतक सतबीर चौहान के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।
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उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ी है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। डॉ. बनवारी लाल ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत की है।
उन्होंने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच की जा रही है और पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद के लिए प्रयास किए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि हंस नगर में हुए धमाके के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। लोगों का कहना था कि हादसे के कई दिन बाद तक कोई बड़ा अधिकारी या जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में नाराजगी थी।
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इस हादसे में गंभीर रूप से झुलसे पूर्व सैनिक सतबीर चौहान और उनकी बेटी तन्नू चौहान ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में झुलसे तीन अन्य लोगों का दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार चल रहा है।
हादसे के बाद पुलिस ने इंडियन गैस लिमिटेड (आईजीएल) की घरेलू गैस आपूर्ति से जुड़ी कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस को दी है ये शिकायत
हंसनगर गली नंबर-3 की निवासी मधु ने बताया कि 5 जुलाई को गेट के बाहर चारपाई पर बैठे पति सतबीर चौहान और कुर्सी पर बैठे जयभगवान के चाय पी। इसके बाद वह बर्तन रखने रसोई में गईं। मैं रसोई में बर्तन धो रही थी कि अचानक धमाका हुआ। पूरे घर में आग लग गई। मेरी बेटी तन्नू ने भाई आकाश की कंपनी ड्रेस को प्रेस करने के लिए स्विच ऑन किया, तभी धमाका हुआ। हादसे में बेटी झुलस गई। पति सतबीर और पड़ोसी जयभगवान का मुंह, हाथ और पैर झुलस गया। चारपाई पर सो रही 2 वर्षीय भतीजी भी झुलस गई। आग बुझाने की कोशिश की तो मेरे भी हाथ जल गए। चींखने पर पड़ोसी इकट्ठा हो गए। मुझे, मेरे पति, बेटी, भतीजी और पड़ोसी को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया गया। हादसे कुछ समय पहले पति कह रहे थे कि मेन गेट पर गैस की बदबू आ रही है। आरोप है कि यह हादसा आईजीएल की पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) गैस टेस्टिंग व पाइप लाइन खुली होने के कारण घर के अंदर काफी मात्रा में गैस जमा होने से हुआ है। यह आईजीएल कंपनी कर्मचारियों की लापरवाही के कारण हुआ है।
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