कोसली । विद्युत निगम हर साल बिजली के तारों और उपकरणों की मरम्मत के नाम पर बड़ी राशि खर्च करने का दावा करता हो, लेकिन धरातल में उनके दावों की पोल खुलती दिखाई दे रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी विभागीय कार्य शैली की उदासीनता का यह हाल है कि बिजली के तार जर्जर हालत में जमीन से नाममात्र की कुछ दूरी पर लटक रहे हैं। वहीं, निगम गिरे हुए खंभों को भी ठीक करने का नाम नहीं ले रहा है। कहीं यह लापरवाही लोगों के लिए भारी न पड़ जाए।
अनाज मंडी कोसली के आसपास रहने वाले रामकिशन, हरेंद्र, मंडी प्रधान दिनेश गोयल, रामनिवास, सुबेसिंह आदि ने बताया कि यहां एक सप्ताह से खंभा गिरा हुआ है। इस पर लगी केबलों से करंट भी प्रवाहित हो रहा है। इस खंभे के गिरने से जहां राहगीर परेशान हैं, वहीं तार में प्रवाहित बिजली से हादसे की आशंका बनी हुई है। उन्होंने बताया कि जर्जर तारों से हमेशा खतरा बना रहता है। कई बार पशुओं की मौत हो चुकी।
कॉलोनियों में हालत अधिक खराब
भले ही क्षेत्र में विद्युतीकरण में सुधार के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर दिया गया हो, लेकिन आसपास बनी कॉलोनियों में बिजली के लटकते तार व रोक के बावजूद धड़ल्ले से किए जा रहे विद्युत कनेक्शनों से ट्रांसफार्मर ओवरलोड होकर आए दिन जल रहे हैं। यहां भी कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है ।
शिकायत करने के बाद भी आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला
उपभोक्ता राममेहर, रोहतास, हरिराम, सुरेन्द्र, तेजराम, कमलेश का कहना है कि निगम रात दिन उपभोक्ताओं पर बिजली चोरी के नाम पर छापे तो मार रहा है लेकिन लोगों की सुविधा के नाम पर आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिल रहा। पंचायत ने भी बार-बार निगम से गुहार लगाने के बाद जर्जर तारों को व मौत बनकर लटकती केबल की समस्या का कोई समाधान नहीं किया। ऊपर से लोगों को बिजली चोरी के नाम पर भयभीत किया जा रहा है।
उधर, इस विषय में निगम के कार्यकारी अभियंता अमीत कंबोज का कहना है कि उनके संज्ञान में मामला नहीं है। टूटे खंभे और लटकते केबल के साथ-साथ जर्जर हो रहे तारों को भी जल्द ही ठीक करवाने का प्रयास किया जाएगा।