संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। दो दिन की राहत के बाद फिर जिले की हवा प्रदूषित होने लगी है। इस सप्ताह की शुरुआत बढ़ते प्रदूषण से हुई है। सोमवार को सुबह 6 बजे वायु प्रदूषण (एक्यूआई) का स्तर 249 दर्ज किया गया जो बाद में 250 को पार कर गया। पूरे दिन में अधिकतम एक्यूआई 252 दर्ज किया गया।
अगर स्थिति यही रही तो ग्रैप की पाबंदी फिर लागू हो सकती है। वर्तमान में एक्यूआई लोगों की स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक है। दूसरी तरफ लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण भविष्य को लेकर भी चिंता सताने लगी है। इसको लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अध्ययन करने के लिए कहा था, ताकि इसमें यह पता लगाया जा सके कि जिले में प्रदूषण का कारण क्या है और इसे किस प्रकार से कम किया जा सकता है। धुआं किन क्षेत्रों से अधिक उठता है। हैरानी वाली बात यह है कि अभी तक जिले में यह अध्ययन शुरू ही नहीं हुआ है। जबकि यह जिला एनसीआर क्षेत्र में आता है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने एनजीटी को दी गई अपनी रिपोर्ट में कहा है कि हरियाणा में मात्र दो जिलों में ही अभी अध्ययन शुरू हुआ है जो बाकी एनसीआर के क्षेत्र हैं वहां पर अभी अध्ययन की शुरुआत ही नहीं हुई है।
प्रदूषण बढ़ने से होती हैं यह समस्याएं : वायु प्रदूषण बढ़ने से तमाम तरह की दिक्कतें होती हैं। अधिक खांसी आने, नाक और गले में जलन होने, सांस लेते समय तकलीफ, घर से बाहर सांस फूलने, अस्थमा अटैक या सीओपीडी के लक्षण बढ़ने की समस्या होती है।
भविष्य में एक्यूआई बढ़ने की जताई जा रही आशंका
पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के कारण एनसीआर में एक बार फिर हवा प्रदूषित हो गई है। दीपावली के दिन हुई आतिशबाजी से भी हालत काफी बिगड़े हैं। आने वाले दिनों में भी हालात बिगड़ने की आशंका है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक बढ़ता प्रदूषण सेहत के लिए काफी चुनौतीपूर्ण स्थितियां पैदा कर सकता है, इसलिए बचाव के उपाय करते रहना सभी के लिए बहुत जरूरी है। एक्यूआई 300 को पार करता है तो यह बहुत खराब स्थिति होती है।
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एक्यूआई की छह कैटेगरी
0 और 50 : अच्छा
51 और 100 : संतोषजनक
101 और 200 : मध्यम
201 और 300 : खराब
301 और 400 : बेहद खराब
401 से 500 : गंभीर
सोमवार को पूरे दिन का एक्यूआई
सुबह 6 बजे : 249
सुबह 9 बजे ::249
दोपहर 12: बजे :245
अपराह्न 3: बजे :242
शाम 6: बजे :252
पिछले एक सप्ताह का एक्यूआई
30 अक्तूबर 119
31 अक्तूबर 215
1 नवंबर 257
2 नवंबर 168
3 नवंबर 166
4 नवंबर 252
वर्जन
जागरूकता से ही प्रदूषण को कम किया जा सकता है। लोगों से अपील है कि खुले में आग ना लगाएं। इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है।-हरीश, एसडीओ, हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।