संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। अप्रैल 2019 में अंतरजातीय प्रेम विवाह करने वाले दंपती ने शुक्रवार को वेलेंटाइन डे पर कोर्ट से तलाक की मंजूरी ले ली। तलाक दोनों पक्षों की सहमति से हुआ। दोनों पक्षों स्वतंत्र सहमति से अपने आप को वैवाहिक बंधन से मुक्त कर लिया।
अप्रैल 2019 में वैवाहिक बंधन में बंधने वाले एक दंपती ने अदालत में बयान देकर कहा कि हम अलग-अलग रहना चाहते हैं। जिला पारिवारिक न्यायालय में मामला लंबित था। दोनों पक्षकारों ने अपनी सहमति से अपने वैवाहिक संबंध विच्छेद कर दिया। प्रेम विवाह के दौरान दोनों ने साथ जीने मरने की कसमें खाई थीं। उनका प्यार चेन्नई में परवान चढ़ा था। उस समय दोनों कंपनी में कार्यरत थे। दोनों करीब 6 माह तक साथ रहे। दोनों ने प्रेम विवाह किया लेकिन किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद उठा और दोनों ने एक-दूसरे पर आपराधिक मामला तक दर्ज करा दिया। पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट के तहत पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। आपसी प्रेम भाव खत्म हो गया। काफी प्रयास के बाद दोनों पक्षकारों ने दिसंबर 2024 में कोर्ट की शरण ली। सहमति से तलाक लेने की अर्जी लगा दी। जिला अदालत ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए पक्षकारों को 6 महीने के समय सीमा में छूट देते हुए वेलेंटाइन डे के दिन ही तलाक की अर्जी मंजूर कर ली। इसके लिए पति ने पत्नी को आजीवन गुजारा भत्ता के रूप में 5.50 लाख देना तय किया है।