रेवाड़ी। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे पर आंदोलित किसानों के मोर्चे को 100 दिन पूरे होने पर किसानों ने बुधवार को धन्यवाद ज्ञापन दिवस मनाया। इस अवसर पर बॉर्डर के मोर्चे पर आंदोलन के सहयोगी और सहभागी रहे लोगों के योगदान के लिए संयुक्त किसान मोर्चा ने धन्यवाद ज्ञापित कर सम्मानित किया गया। दिल्ली से पहुंचे प्रति ध्वनि ग्रुप की ओर से लोकगीतों के माध्यम से किसानों का मनोरंजन कराया गया। वहीं राजस्थान के जोधपुर व कोटा जिले के किसानों का एक जत्था धरनास्थल पर पहुंचा।
धरनास्थल पर रोजाना रोस्टर के हिसाब से किसानों के जत्थे पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही 26 मार्च को किसानों के भारत बंद को कामयाब करने के लिए किसानों ने लोगों से बंद को सफल बनाने का आह्वान किया है। बता दें कि किसान आंदोलन के मद्देनजर दिल्ली कूच कर रहे राजस्थान के किसानों को हरियाणा पुलिस ने हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर रोक लिया था। उसके बाद से किसानों ने यहीं पर धरना शुरू कर दिया था। यहां किसानों को समर्थन देने राजस्थान के अलावा हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, केरल, गुजरात व मध्यप्रदेश के किसानों के जत्थे पहुंच रहे हैं। खेड़ा बॉर्डर पर करीब डेढ़ किलोमीटर में फैले आंदोलन के कारण हाईवे को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
सभा को संबोधित करते हुए किसान नेता पेमाराम ने कहा कि आज देश में लोकतंत्र नहीं बल्कि एक अधिनायकवाद पार्टी का राज है, जोकि आज भी देश में राजनीति की आड़ में साम्राज्यवादी-पूंजीवादी कॉरपोरेट के हितों के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि इनकी छत्रछाया में अनेक पूंजी के दलाल व्यक्ति धनबल, बाहुबल और सांप्रदायिक जातीय ध्रुवीकरण की राजनीति का इस्तेमाल कर टिकट खरीद कर विधायक, सांसद और मंत्री बन कर अपने आकाओं के हितों की रक्षा के लिए कानून बना रहे हैं। किसान वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से चल रहे किसान आंदोलन को हर वर्ग के लोगों का साथ मिला है। इसकी बदौलत यह आंदोलन शातिपूर्ण ढंग से चल रहा है। आमसभा को संबोधित करने वालों में योगेंद्र यादव, रणजीत राजू, तारा सिंह सिद्धू, राजबाला यादव, दीपक लांबा, हरफूल सिंह व मनजीत सिंह ठकराल सहित अन्य शामिल रहे। सभा का संचालन डॉ. संजय माधव ने किया।