संवाद न्यूज एजेंसी
धारूहेड़ा। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर हर 500 मीटर की दूरी पर ग्रीन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाया जाएगा। इसको लेकर एनएचएआई ने ठेकेदार को लेआउट दे दिया है। जलभराव वाले स्थान पर सड़क का निर्माण और सर्विस रोड पर नालों की सफाई का काम शुरू हो गया है। इससे जलभराव से निजात मिलेगी।
सर्विस लेन पर जलभराव वाले स्थान पर जेसीबी से खोदाई कराई जा रही है। हर साल मानसून के दौरान सर्विस लेन और मुख्य हाईवे पर जलभराव के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। जलभराव में वाहन बंद हो जाते हैं और जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे घंटों यातायात प्रभावित रहता है।
बारिश में सर्विस रोड पर जलभराव से आम लोगों को यहां से गुजरने में कठिनाइयां आती हैं। एनएचएआई ने मानसून के दिनों में जलभराव न हो, इसके लिए नालों की सफाई शुरू करा दी है। हाईवे के दोनों तरफ बनी खुली ड्रेन कचरे से भरी है।
हीरो कट, मालपुरा के दोनों साइड की सर्विस रोड, जोनियावास, आएसटी कंपनी के समीप जलभराव के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। तीन किलोमीटर का सफर ट्रैफिक जाम और जलभराव के चलते घंटों में पूरा होता है।
उद्योगों पर पड़ता है खराब असर
धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र है। जलभराव के कारण यहां के उद्योगों पर भी बुरा असर पड़ता है। कंपनी में कार्य करने वाले हजारों लोग प्रभावित होते हैं। सुबह और शाम के समय कर्मचारियों को लेने के लिए बसें जाती हैं। कई बार तो कंपनी से निकलनी वाली लोडिंग गाड़ियां भी जलभराव में फंस जाती हैं जिससे दुर्घटना होने का भी खतरा बना रहता है। मानसून के दिनों में कार्य काफी प्रभावित होता है। हाईवे से रोजाना 50 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं।
वर्जन
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर ग्रीन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाया जाएगा। यह प्लांट 500 मीटर पर लगाया जाएगा। ठेकेदार को लेआउट दिया गया है। हाईवे पर होने वाली समस्या का समाधान भी लगातार किया जा रहा है। -प्रकाश, एनएचएआई अभियंता धारूहेड़ा।