अनाज मंडी परिसर में जन समस्याएं थमने का नाम नहीं ले रही है। एक ओर जहां बरसाती मौसम में मंडी परिसर की ग्रीन बेल्ट में पड़े कूड़े के ढेर सड़ रहे हैं, वहीं नई सीवर लाइन की कनेक्टिीविटी नहीं होने से दूषित पानी मंडी परिसर में ही जमा हो गया है। हालांकि मंडी प्रशासन की ओर से ग्रीन बेल्ट के कायाकल्प के लिए 46 लाख रुपये का इस्टीमेट बनाकर चंडीगढ़ भेजा हुआ है, लेकिन अभी अप्रूवल नहीं मिली है। आढ़तियों के लिए ग्रीन बेल्ट की समस्या बड़ी पुरानी है। इसको लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत भी की है, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
कूड़ा घर और दूषित तालाब में तब्दील हुई ग्रीन बेल्ट
मंडी परिसर में चारों ओर ग्रीन बेल्ट की जगह सुनिश्चित है। आज इस जगह पर हरी-भरी घास और पेड़-पौधे न होकर कूड़े के ढेर और दूषित जल जलभराव से तालाब बन गए हैं। आलम यह है कि कोई भी व्यक्ति ग्रीन बेल्ट के पास से गुजर भी नहीं सकता है। वहीं दूषित जलभराव से बदबूदार माहौल बना हुआ है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ रहा है।