सरकार ने स्टांप पेपर खरीद-फरोख्त को बंद करते हुए ई-स्टांपिंग की नई प्रक्रिया शुरू की है। इससे लोगों को स्टांप लेने के लिए किसी कार्यालय, स्टांप वेंडर या बैंक आदि के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। न ही दलालों के चंगुल में फंसकर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।उपायुक्त एवं अध्यक्ष डीआईटीएस रेवाड़ी डा. यश गर्ग ने बताया कि इस प्रणाली से यूजर अपने ऑफिस अथवा घर आदि से स्टांप से संबंधित सरकारी रिसिप्ट जमा करवाकर ऑनलाइन स्टांप प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने बताया कि जिला में ई-स्टांपिंग का कार्य सुचारु रूप से चल रहा है। ई-स्टांप के लिए लोगों को सरकारी वेबसाइट ईग्रासएचआरवाई.निक.इन (ईग्रास) पर जाकर अपना चालान जनरेट करना पड़ेगा। इसके बाद चालान को बैंक में या ऑनलाइन पेमेंट करने के बाद उसी वेबसाइट पर ई-स्टाप जनरेट करना पड़ेगा। उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे स्टांप पेपर प्राप्त करने के लिए ई-स्टांपिंग प्रणाली का प्रयोग करेें। उपायुक्त ने बताया कि ई-स्टांप प्रक्रिया शुरू होने से इसकी कालाबाजारी पर भी रोक लगेगी।