रेवाड़ी। बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तीसरे चरण को लागू कर दिया गया है। मंगलवार को अधिकतम एक्यूआई 305 दर्ज किया गया। इससे पहले ग्रैप 2 की पाबंदियां लागू थीं।
पिछले 2 दिनों से जिला रेड जोन में था। अगर हवा का स्तर इसी तरह रेड जोन में बना रहा तो आगे ग्रैप-4 लागू करना पड़ सकता है। ग्रैप के तीसरे चरण के तहत सड़कों की मशीनों और वैक्यूम आधारित सफाई, रोजाना पानी का छिड़काव और धूल नियंत्रण सामग्री का प्रयोग करने के साथ-साथ एकत्रित धूल को निर्धारित स्थलों पर निस्तारित करना होगा।
निर्माण कार्यों में केवल गैर-प्रदूषणकारी गतिविधियां प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल, कारपेंट्री और इंटीरियर फिनिशिंग की अनुमति दी गई है जबकि स्टोन क्रशर और माइनिंग गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहनों के संचालन पर गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और दिल्ली में रोक लगाई गई है।
ध्यान रखने की जरूरत, नहीं तो हो सकती है परेशानी
हवा में पीएम-2.5 और पीएम-10 कणों की मात्रा अत्यधिक बढ़ जाने से श्वसन संबंधी बीमारियां, खांसी-जुकाम, गले में जलन, आंखों में खुजली व जलन और त्वचा रोग तेजी से बढ़ सकते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और हृदय रोगियों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक है। फिजिशियन डॉ. मनीष ने लोगों को सलाह दी है कि वे सुबह-शाम की सैर से बचें, मास्क का प्रयोग करें, घरों में पौधे लगाएं और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। प्रदूषण के कण फेफड़ों में गहराई तक पहुंचकर सांस की बीमारियों को बढ़ा सकते हैं।
अभी तक अधिकतम एक्यूआई 434 किया जा चुका दर्ज
इस सीजन का प्रदूषण का सबसे खतरनाक स्तर 2 नवंबर को 434 दर्ज किया गया था। इससे पहले दीपावली पर प्रदूषण का स्तर 412 व 31 अक्तूबर को 406 पहुंचा था। अगर एक्यूआई रेड जोन में रहा तो आने वाले दिनों में ग्रैप 4 की पांबदी लग सकती है। 19 अक्तूबर को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रेडेड रिस्पांसिबल एक्शन प्लान के चरण 2 को लागू किया था। अब 23 दिन बाद 11 नवंबर को ग्रैप 3 लागू हुआ है।
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विभागों को प्रदूषण रोकने के निर्देश जारी
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि प्रदूषण का स्तर एक बार फिर निर्धारित मानकों से अधिक होने से ग्रैप-3 की पाबंदी लागू हो गई हैं जिसके लिए हमें प्रदूषण नियंत्रण उपायों को पूरी गंभीरता से अपनाना होगा। वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर ग्रैप नियमों की सख्ती से पालन करना बेहद जरूरी है। डीसी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, शहरी निकायों, एचएसआईआईडीसी सहित अन्य संबंधित विभागाध्यक्षों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे जिले में बढ़ते प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाएं। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि लोग छोटी दूरी के लिए पैदल चलने या साइकिल का उपयोग करने, यात्रा के दौरान कार शेयरिंग या सार्वजनिक परिवहन अपनाने और जहां संभव हो वर्क फ्रॉम होम की सुविधा लेने को प्राथमिकता दें। नागरिकों को कोयला या लकड़ी से हीटिंग करने से बचना चाहिए।