अनाज मंडी में शुक्रवार को करीब 15 हजार क्विंटल गेहूं की आवक दर्ज की गई जबकि पहली बार 8,219 क्विंटल गेहूं की सरकारी खरीद की गई। इससे पहले वीरवार को लगभग 11 हजार क्विंटल गेहूं मंडी में पहुंचा था। अब तक कुल मिलाकर करीब 26 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है।
हालांकि बढ़ती आवक के बीच व्यवस्थाओं की कमी भी सामने आ रही है। मंडी में पर्याप्त जगह और प्रबंधन के अभाव में बड़ी मात्रा में गेहूं खुले में पड़ा हुआ है जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। लगातार मौसम में हो रहे बदलावों को देखते हुए किसान अपनी फसल की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं।
दरअसल, बीते दिनों हुई बारिश का असर भी गेहूं की फसल पर साफ दिखाई दे रहा है। कई जगहों पर फसल में नमी अधिक पाई जा रही है जिससे खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। नमी के चलते फसल की गुणवत्ता पर भी असर पड़ता है और कई बार किसानों को उचित मूल्य मिलने में दिक्कत आती है।
ऐसे में किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार करेगा और खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाएगा। गेहूं की खरीद अब तेजी पकड़ने की संभावना है।
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गेहूं खरीद व्यवस्था का निरीक्षण करने पहुंचे विधायक
कोसली।
विधायक अनिल यादव कोसली अनाज मंडी में गेहूं खरीद व्यवस्था का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बार यह पूरा ध्यान रखा है कि फसल खरीद के कार्य में पारदर्शिता बनी रहे और कहीं भी किसी प्रकार की कोई अनियमितता ना हो। इसलिए किसानों को ट्रैक्टरों पर नंबर लिख कर लाने को कहा गया है।
फसल बेचने वही किसान आ सकता है जिसका एमएफएमबी पोर्टल पर पंजीकरण हो चुका है। विधायक ने मार्केट कमेटी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी में साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, अटल कैंटीन, रात्रि ठहराव आदि की उचित सुविधाएं किसानों को प्रदान की जाए। फसल बिक जाने के बाद किसान को शीघ्र भुगतान दिए जाने का प्रावधान होना चाहिए।
विधायक अनिल यादव ने अपने कार्यालय में जनसमस्याओं की भी सुनवाई की। उन्होंने बताया कि कोसली हलका में समस्याओं का निराकरण चार से पांच दिन में किया जा रहा है। इसके अलावा विकास की दृष्टि से नई परियोजनाएं तैयार की जा रही है।
इस मौके पर मार्केट कमेटी के वाइस चेयरमैन दिनेश गोयल, चेयरमैन कपिल यादव, जिला पार्षद शारदा सहित अन्य उपस्थित रहे।
कोसली अनाज मंडी का निरीक्षण करते विधायक अनिल यादव। स्रोत : प्रवक्ता