रेवाड़ी। जिले के सेक्टर-18 स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय को अब मॉडल संस्कृति महाविद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। उच्चतर शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
प्रदेश सरकार की योजना के तहत हर जिले में एक राजकीय महाविद्यालय को मॉडल संस्कृति कॉलेज के रूप में विकसित कर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जिले में सबसे अधिक छात्राओं की संख्या वाले इस महाविद्यालय का चयन इसके बेहतर आधारभूत ढांचे और सुविधाओं को देखते हुए किया गया है।
यह महाविद्यालय जिले का एकमात्र ऐसा संस्थान है जहां अपना भवन होने के साथ-साथ 90 छात्राओं की क्षमता वाला छात्रावास भी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट सत्र के दौरान इस योजना की घोषणा की थी जिसके बाद उच्चतर शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया तेज कर दी है।
मॉडल संस्कृति कॉलेज का दर्जा मिलने के बाद महाविद्यालय में शैक्षणिक और बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया जाएगा। इसमें साइंस लैब, कंप्यूटर लैब, भाषा लैब, डिजिटल लैब, स्मार्ट क्लासरूम, स्मार्ट बोर्ड, डिजिटल लाइब्रेरी, ट्रैक एवं खेल सुविधाएं, डे-केयर सेंटर, ऑडिटोरियम, सोलर पैनल और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी कॉलेजों को निजी संस्थानों के समकक्ष बनाना है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।
मॉडल संस्कृति कॉलेज बनने के बाद अन्य महाविद्यालय भी इस दिशा में प्रेरित होंगे और भविष्य में उन्हें भी इसी तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
प्राचार्य डॉ. ज्योति यादव ने बताया कि मॉडल संस्कृति कालेज का दर्जा मिलने के बाद वर्तमान की जरूरत के अनुरूप नए विषय और कोर्स शुरू किए जा सकेंगे।