रेवाड़ी। जिले के गांव लिसान और करावरा मानकपुरा में एक-एक राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय खोलने की स्वीकृति मिली है। प्रत्येक औषधालय पर करीब 60-60 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
यह पहल ग्रामीण इलाकों में आयुष चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। जल्द ही औषधालयों का निर्माण कार्य शुरू होगा।
अधिकारियों ने बताया कि इन औषधालयों में योग और प्राकृतिक चिकित्सा के साथ-साथ विभिन्न आयुर्वेदिक दवाओं और उपचार सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। इससे ग्रामीणों शहर नहीं जाना पड़ेगा। इसमें समय व खर्च दोनों की बचत होगी।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में एलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेद, योग एवं अन्य आयुष सेवाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि स्वास्थ्य सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें, जिससे कि लोगों को इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों में न जाना पड़े।
आयुष चिकित्सा को मिलेगा बढ़ावा
स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि आयुर्वेदिक औषधालय ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने में भी मदद करेंगे। यहां न केवल रोगियों का इलाज होगा, बल्कि आयुर्वेदिक दवाओं और जीवनशैली पर जानकारी देने के लिए स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा। इससे लोग प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के लाभों को समझ पाएंगे और अपनी सेहत का बेहतर ध्यान रख सकेंगे।