फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘पहले पढ़ाए फिर नियम लागू करे सरकार’

Wed, 12 Aug 2015 01:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला रेवाड़ी
विज्ञापन
विज्ञापन
रेवाड़ी। पंचायत चुनाव में शैक्षणिक योग्यता का फैसला फिलहाल ठीक नहीं है। इसके लिए कम से कम चार-पांच साल का समय दिया जाना चाहिए था।
विज्ञापन


सरकार पहले पढ़ाए और उसके बाद ऐसा नियम लागू करे। इन बातों का उल्लेख मंगलवार को रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किया। हुड्डा नारनौल के धौलेड़ा में घटनास्थल का दौरान करने जाते समय कुछ देर के लिए यहां ठहरे थे। हुड्डा ने धौलेड़ा मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग की है।

हुड्डा ने भाजपा सरकार को नामकरण और फीता काट सरकार बताया। कहा, औद्योगिक नीति हो या फिर स्पीड और जगमग योजना सभी पहले से ही चल रही थी, केवल नाम बदला गया है। उन्होंने दावा किया कि 1966 से 2005 तक हरियाणा में 40 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ था।
विज्ञापन


उनके कार्यकाल 2005 से 2014 तक 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ और एक लाख करोड़ का निवेश पाइप लाइन में था। जितनी सरकारें बनी सभी ने ‘जय जवान जय किसान’ के साथ काम किया लेकिन आज किसान और जवान दोनों ही धरने पर बैठे हैं।

वे खुद भी गुड़गांव में वन रैंक वन पेंशन को लेकर 14 अगस्त को धरना देंगे। जाट आरक्षण के मद्देनजर 15 अगस्त को काला दिवस मनाने के बारे में उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।

पार्टी में उन्होंने गुटबाजी से इन्कार करते हुए कहा कि यह एक मीडिया की उपज है। इस दौरान पूर्व मंत्री गीता भुक्कल, विधायक शकुंतला खटक, ललित नागर, उदयभान, जयवीर वाल्मीकि, पूर्व मंत्री आफताब अहमद, जसवंत सिंह, धर्म सिंह छोक्कर, बीडी शर्मा, जयप्रकाश पुरोहित, कृष्ण लखेरा आदि मौजूद रहे।

खूब कराया रेवाड़ी का विकास
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि रेवाड़ी का खूब विकास कराया है। कैप्टन अजय सिंह यादव के विकास पर भेदभाव को लेकर बयान के बारे में उन्होंने कहा कि खुद कैप्टन ने उनके जलसे में कहा था कि रेवाड़ी में खूब विकास हुआ है।

 नगरीय विकास मंत्रालय की रिपोर्ट के संबंध में हुड्डा ने कहा कि हरियाणा के विकास को लेकर तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद गया (बिहार) की रैली में जिक्र किया है।
विज्ञापन


 भाजपा सरकार को बने तो मात्र कुछ महीने हुए हैं। इस सरकार ने अभी तक कुछ नहीं किया। इनकी तो आंसर शीट ही खाली है, इसमें जीरो नंबर भी क्या दूं। रेवाड़ी के बावल में प्रस्तावित एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी भी यहां से ले गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें