शहरवासी लगातार बेसहारा पशुओं के आतंक का शिकार बन रहे हैं। 10 दिन के अंदर एक 6 साल की बच्ची के दांत तोड़ने, एक युवक की मौत के बाद शुक्रवार सुबह शहर के गुर्जरवाड़ा के पास नया बाजार मोड़ पर गोवंशों आपस में भिड़ गए। इस दौरान लड़ाई में एक बाइक चालक नीचे गिर गया और लोगों ने भागकर वहां से अपनी जान बचाई। करीब 40 मिनट के दौरान बाजार में जाम की स्थिति रही।
वहीं दूसरी ओर बुधवार को कायस्थवाडा चौक पर दो सांड़ों की लड़ाई में मेहरवाड़ा निवासी फोटो स्टूडियो संचालक डोली की मौत से शहरवासियों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है। अब कुछ संगठनों की ओर से प्रशासन को 20 अगस्त तक अल्टीमेटम दिया गया है। इसमें कहा गया है कि प्रशासन लॉट ऑफ टॉर्ट के तहत अपकृत्य विधि) के तहत मृतक के परिजनों को 50 लाख का मुआवजा व नगर परिषद अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करने की सिफारिश करें। ऐसा नहीं करने पर 22 अगस्त से नप कार्यालय के बाहर सुबह 11 बजे धरना शुरू कर दिया जाएगा।
ये सरकारी एजेंसी की खामी से होने वाले हादसे (लॉ ऑफ टॉर्ट)
कानून के जानकार एडवोकेट राजेंद्र यादव के अनुसार किसी सरकारी एजेंसी की खामियों को कानून ने अपकृत्य विधि (लॉ ऑफ टॉर्ट) माना है। पीड़ित संबंधित विभाग के खिलाफ घटना से एक साल की अवधि तक क्षतिपूर्ति का दावा कर सकता है। उदाहरण के तौर पर सड़क निर्माण के दौरान स्पीड ब्रेकर पर सफेद पट्टियां लगाई जानी जरूरी है। क्योंकि रात के समय स्पीड ब्रेकर सफेद पट्टी से ही दिखाई दे सकता है। यदि निर्माण एजेंसी ने सफेदी पट्टी नहीं बनाई और हादसा हो गया तो एजेंसी को मुआवजा देना पड़ सकता है।
नगर परिषद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर हो कार्रवाई : एडवोकेट
एडवोकेट कामरेड राजेंद्र सिंह ने कहा की जब ऐसी दर्दनाक घटना घटती है तो प्रशासन कुछ कदम उठाने के लिए बाध्य होता है परंतु चंद दिनों के बाद वही सिलसिला फिर शुरू हो जाता है। बेसहारा पशुओं को कंट्रोल करना और उनसे नागरिकों की जान माल की रक्षा करना नगर पालिका का एक महत्वपूर्ण ड्यूटी है। नगर पालिका ने इस मामले में घोर आपराधिक लापरवाही की है और लापरवाही की डिक्री इसलिए ज्यादा बढ़ जाती है। इस संदर्भ में न्यायालय बेसहारा पशुओं पर लगाम लगाने का आदेश नगर पालिका को दे चुका है। इसलिए नगर परिषद के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए। लॉ ऑफ टॉर्ट के तहत मृतक के परिवार जन को नगर परिषद कम से कम 50 लाख रुपये मुआवजा दे। कामरेड सिंह ने कहा की 20 अगस्त तक नगर पालिका के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया और 50 लाख रुपये बतौर मुआवजा स्वीकृत नहीं किया तो 22 अगस्त को नगर पालिका रेवाड़ी के कार्यालय के समक्ष नागरिकों का धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। सामाजिक संगठन डीवाईओ एवं महिला संगठन, महिला सांस्कृतिक संगठन की तरफ से धरना दिया जाएगा। यदि इतने से भी बात नहीं बनी तो संघर्ष कमेटी का गठन किया जाएगा।
बाजारों में बेसहारा घूम रहे पशुओं से लोगों में डर : नया बाजार प्रधान
शहर के नया बाजार प्रधान सुरेश सैनी ने कहा कि शुक्रवार को बाजार करीब 40 मिनट तक जाम रहा। गोवंश की लड़ाई से कभी भी हादसा हो सकता है। शहरवासियों की ओर से ईमानदारी से टैक्स चुकाया जाता है, ऐसे में उन्हें सुविधा लेने का भी अधिकार है। जल्द से जल्द सड़कों पर घूम रहे पशुओं को बाहर छोड़ने का प्रबंध किया जाना जरूरी है।