कुंड। गांव जैनाबाद में हुई वारदात में चोरी हुए जेवरात खरीदने के आरोप में महेंद्रगढ़ के गांव भौजावास निवासी सुनार पवन कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में गिरोह की महिला सरगना समेत पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
गिरफ्तार मुख्य सरगना काली उर्फ संतरा ने पुलिस के सामने यह कबूला था कि उसने चोरी के चांदी के जेवरात महेंद्रगढ़ के गांव भौजावास निवासी सुनार पवन कुमार को 95 हजार रुपये में बेच दिए थे। सीआईए ने छापा डालकर छठे आरोपी सुनार पवन को पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है।
रिमांड के दौरान आरोपी से चोरी के जेवरात बरामद किए जाएंगे। इससे पहले पुलिस ने आरोपी महेंद्रगढ़ के गांव पड़तल निवासी काली उर्फ संतरा, उसके लड़के विजय, पड़ोसी अरुण, जिला भिवानी के गांव आलमपुर निवासी नरेंद्र उर्फ डिल्लू उर्फ जोगी और जिला झज्जर के गांव बहु हाल आबाद जिला महेंद्रगढ़ के गांव पड़तल निवासी अजित को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की राशि में से 3 हजार रुपये नकदी और चोरी किए गए सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज व कागजात बरामद कर लिए थे।
जैनाबाद निवासी प्रदीप ने 1 जून 2025 को दी गई शिकायत में बताया था कि उनके पिता सीआईएसएफ में कार्यरत हैं। उनकी मां की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें दिल्ली के अस्पताल में दाखिल कराया गया था।
वह और उनके पिता दिल्ली में ही अपनी ड्यूटी के साथ-साथ अस्पताल में मां की देखरेख कर रहे थे। इसी दौरान गांव में उनके घर पर कोई नही था। 29 मई 2025 की रात को चोरों ने उनके मकान को निशाना बनाया।
31 मई की रात वारदात का चला पता
पीड़ित ने बताया कि जब वह 31 मई 2025 की रात 8 बजे घर पहुंचे तो उसने देखा कि घर के ताले टूटे हुए थे और सामान बिखरा पड़ा था। चोरों ने सीसीटीवी कैमरे को तोड़ दिया था और एलईडी छत पर फेंक दी थी। चोर घर के कमरे में रखे एक सूटकेस को चोरी कर ले गए थे, जिसमें करीब 32 लाख रुपये की एफडी, 1.50 लाख नकद, पैन कार्ड, आधार कार्ड, प्रॉपर्टी के कागजात और गाड़ी की आरसी रखी हुई थी। इसके अलावा अलमारी में रखे 85 हजार की नकदी, सोने-चांदी के जेवरात और पीड़ित के अन्य ओरिजिनल दस्तावेज वाला बैग भी चोरी हो गया था।