एसडीएम कैप्टन मनोज कुमार एवं डीईओ धर्मबीर बल्डोदिया ने शुक्रवार को लघु सचिवालय के बाहर धरना स्थल पर पहुंचकर शिक्षा के अधिकार के लिए अपनी मांगों के लिए बैठीं बच्चियों और अभिभावकों से धरना समाप्त करने की अपील की। एसडीएम ने समस्याओं को हल करने का आश्वासन देकर धरने का नेतृत्व कर रहे लोगों को कार्यालय बुलाकर एक घंटे से ज्यादा बातचीत की।
एडेेड स्कूलों के मुद्दे पर बातचीत करते हुए एसडीएम ने कहा कि एडेड स्कूलों के सौ से ज्यादा मामलों में उन्होंने फीस कम कराने के साथ फीस माफ तक कराई है, फिर भी यदि कोई शिकायत है तो तुम बताओ हम हल करने के लिए तैयार हैं। वहीं लोगों के यह कहने पर की एडिड स्कूल अभी भी मनमानी पर उतारू हैं। डीईओ धर्मबीर बल्डोदिया ने कहा कि तुम नियम एवं उल्लंघन करने वाले स्कूल की कॉपी प्रमाण के साथ लेकर आओ हम तुरंत कार्रवाई करेंगे। बाद में एसडीएम के आश्वासन के बाद बच्चियों एवं अभिभावकों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
गौरतलब है कि सोमवार से आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में पांच बच्चियां एवं उनके अभिभावक सुबह दस बजे से लेकर बाहर बजे तक लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठते थे। शनिवार को कक्षा तीन की चारू, कक्षा चार की ईशा, पांचवीं की साक्षी, आठवीं की खुशी, छटी की अदिति एवं आठवीं की श्रुति नेे धरना दिया।
निजी स्कूलों की तुलना फाइव स्टार होटल से की
शिक्षा के अधिकार के तहत प्रदर्शकारियों एवं अभिभावकों के बीच वार्ता के दौरान मौजूद अधिकारियों ने भी माना कि निजी स्कूल भी फाइव स्टार होटल की तरह हो गए हैं। स्टार के हिसाब से फीस वसूली जा रही है। धरने का नेतृत्व कर रहे संजय शर्मा ने कहा कि एसडीएम के सामने डीईओ ने उनकी सभी मांगों को मान लिया है।
उन्होंने कहा कि नियम 158-ए के तहत एडिड स्कूलों द्वारा मनमानी फीस एवं री-एडमिशन के नाम पर फीस वसूलने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसी के साथ स्कूलों द्वारा एनसीआरटी की जगह अन्य प्रकाशकों की किताबें लगाने, एक्टिविटी फंड एवं अन्य मुद्दों के समाधान का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि नियम 134ए के तहत 55 फीसदी नियम का खत्म कर सभी को एडमिशन देने की अनुशंसा अधिकारियों ने सरकार के पास भेजने का आश्वासन दिया है। संजय शर्मा ने कहा कि एसडीएम मनोज कुमार की उपस्थिति में डीईओ के आश्वासन से वह संतुष्ट हैं और उन्होंने धरना खत्म कर दिया है।