संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। छह वर्ष के लंबे इंतजार के बाद जिले के खिलाड़ियों को बड़ी सौगात मिली है। खेल विभाग ने दिल्ली रोड स्थित राव तुला राम स्टेडियम की दशा सुधारने के निर्देश दिए हैं। स्टेडियम में 400 मीटर का 8 लेन का सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक का निर्माण, समतलीकरण, ड्रेसिंग, ट्रैक के चारों और रेलिंग पर 9 करोड़ 69 लाख 76 हजार रुपये खर्च होंगे।
प्रमुख सचिव (खेल) ने बताया कि 3 फरवरी 2025 को हुई बातचीत को स्वीकृति प्रदान की गई है और कार्य की 6 माह की सीमा समय निर्धारित की गई है। हाथ में लिया गया कार्य तुरंत शुरू किया जाए। उप विकास अधिकारी एचएसआईएफए पंचकूला से परामर्श कर इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। फिलहाल कार्य के लिए अनुबंध तैयार किया जा रहा है। यह भी कहा गया है कि जब तक अनुबंध पर हस्ताक्षर नहीं करते, तब तक कोई भुगतान जारी नहीं किया जाएगा। कार्यालय की लिखित पूर्व स्वीकृति के बिना कोई अतिरिक्त भुगतान वहन नहीं होगा। साइट पर बेहतर निर्माण हो, इसकी जिम्मेदारी माप सत्यापन संबंधित उप अभियंता व कनिष्ठ अभियंता की होगी।
पड़ोसी जिलों में अभी खिलाड़ी कर रहें प्रैक्टिस:
स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक बनने पर यहां पर भी जिले से लेकर नेशनल स्तर की खेल प्रतियोगिताएं कराई जा सकेंगी। जिले के अलावा महेंद्रगढ़ के खिलाड़ी भी यहां आकर प्रैक्टिस कर सकेंगे। जिले के खिलाड़ियों को गुरुग्राम या अन्य जगह प्रैक्टिस के लिए नहीं जाना पड़ेगा। ट्रैक के बनने से बड़े खिलाड़ी तैयार होंगे। अभी स्टेडियम में सेंडर ट्रैक बना है। इस पर दौड़ने से खिलाड़ियों के चोटिल होने का खतरा रहता है। सिंथेटिक ट्रैक दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद, गोला फेंक, भाला फेंक सहित 100 मीटर से लेकर 10 हजार मीटर तक दौड़ प्रतियोगिता होगी।
इसलिए खास है सिंथेटिक ट्रैक
खेल विशेषज्ञ के अनुसार सिंथेटिक ट्रैक एक खास तरह के रबर को कुसिंग करके बनाया जाता है। ट्रैक बनाने के लिए पहले मिट्टी और रोड़ी की कई परतें बिछाई जाती हैं। इसके बाद समतलीकरण कर सड़क बनाने का काम किया जाता है और फिर ट्रैक के चारों ओर रेलिंग लगाई जाती है। इसके बाद प्लास्टिक की घास बिछाई जाती है और ट्रैक तैयार होता है। इस ट्रैक पर 8 लेन बनवाई जाएगी। एक लेन की चौड़ाई 1.22 से 1.25 मीटर तक होती है।
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जिले के लिए सिंथेटिक ट्रैक बड़ी सौगात है। बजट की मंजूरी मिलने से अब सिंथेटिक ट्रैक के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।-ममता, कार्यकारी डीएसओ रेवाड़ी।