रेवाड़ी। त्योहारी सीजन के चलते ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। जनरल डिब्बे यात्रियों से फुल हैं लेकिन इंतजाम आधे नजर आ रहे हैं। सबसे ज्यादा मुश्किल जनरल डिब्बों में सफर करने वाले यात्रियों को झेलनी पड़ रही है। हालात इतने खराब हैं कि चार लोगों की सीट पर सात-सात लोग बैठने को मजूबर हैं, जबकि खड़े होने तक की जगह नहीं बची है।
सुबह से लेकर रात तक चलने वाली अधिकांश ट्रेनों में यह स्थिति इन दिनों आम हो चुकी है। रेलवे ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए जो तैयारी की है, वह नाकाफी है। कई बार ट्रेन में प्रवेश करने के लिए यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की और अफरातफरी की स्थिति बन जाती है।
ऐसे में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। रेलवे ने कई ट्रेनों में डिब्बे भी बढ़ाए हैं लेकिन यात्रियों को ज्यादा जरूरत जनरल डिब्बों की है। जब से यह नियम लागू हुआ है कि वेटिंग टिकट का यात्री भी स्लीपर में सफर नहीं कर सकता है तब से स्थिति और ज्यादा खराब हो चुकी है।
अधिकांश यात्रियों को मजबूरी में जनरल डिब्बे में सफर करना पड़ता है। इस कोच में यात्रियों का लड़ना झगड़ना भी आम बात हो चुकी है।
महिलाओं व बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है क्योंकि जनरल डिब्बे में चढ़ पाना इन दिनों किसी चुनौती को पार करने जैसा है। अगर महिलाओं डिब्बे में चढ़ भी जाती हैं तो बैठने को तो छोड़िए खड़ा होने तक की सीट नहीं मिल पाती है।
बुजुर्ग पुरुषों व महिलाओं को नीचे बैठ कर सफर करना पड़ता है। बुजुर्ग ज्यादा समय तक खड़ा होने समक्ष नहीं हैं। ऐसे में सफर करना काफी कठिन हो गया है। रेलवे की तरफ से महिलाओं व बुजुर्गों के लिए कोई भी सुविधा नहीं दी है। अधिकांश समस्या लंबी दूरी वाली ट्रेनों में देखने को मिल रही है।
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जनरल डिब्बों में आरक्षित सीटों का अभाव सबसे बड़ी समस्या
महिलाओं के लिए जनरल डिब्बों में आरक्षित सीटों का अभाव सबसे बड़ी समस्या बन गया है। कई बार महिला यात्री बच्चों के साथ घंटों खड़े रहकर सफर करने को मजबूर होती हैं। रात के समय सुरक्षा की दृष्टि से भी यह स्थिति चिंताजनक है। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि अस्थायी विशेष रेलगाड़ियां चलाई जाएं या अतिरिक्त जनरल कोच लगाए जाएं ताकि भीड़ को कम किया जा सके। उनका कहना है कि त्योहारों के समय रेलवे को पहले से ही अतिरिक्त इंतजाम करने चाहिए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
महिलाएं बोलीं- जनरल डिब्बे में बिल्कुल भी चैन नहीं
बच्चों के साथ साबरमती जा रही महिला सुनीता ने बताया कि जनरल डिब्बों में स्थिति काफी खराब है। एक महिला के लिए यहां सफर कर पाना काफी मुश्किलों से भरा है। साथ में बच्चे भी हैं, खड़ा होकर सफर करना पड़ रहा है। जयपुर जा रही बुजुर्ग रोशनी देवी ने बताया कि सीट न मिलने की वजह से वह नीचे बैठकर सफर करने को मजबूर हैं। नीचे बैठने में भी काफी समस्या है, लोग आते जाते हैं, बार-बार उठना पड़ता है। जनरल डिब्बे में बिल्कुल भी चैन नहीं है। महिलाओं के लिए अलग से सुविधा होनी चाहिए।
यात्री बोले- सोएंगे कैसे, नहीं पता
पालनपुर जा रहे यात्री विवेक ने बताया कि वह सुबह करीब साढ़े 3 बजे तक पालनपुर पहुंचेगा। जगह नहीं मिली तो वह खड़े होकर सफर कर रहा है। पैर में चोट लगी हुई है, 10 घंटे तक सफर करना काफी मुश्किल है। अबु रोड जा रहे यात्री मुकेश ने बताया कि एक पल का चैन नहीं है। सोएंगे कब यह भी नहीं पता है। जनरल कोच बढ़ाने की जरूरत है।