रेवाड़ी। रसोई गैस की कालाबाजारी के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद अब व्यवस्था कुछ हद तक सुधरी है। अब गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतार नहीं नजर आ रही है। गैस सिलिंडर की आपूर्ति के लिए डीसी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। नई व्यवस्था के तहत अब स्कूलों, अस्पतालों को प्राथमिकता के आधार पर सिलिंडर मुहैया कराए जाएंगे।
मंगलवार को सिलिंडर लेने पहुंचे लोगों की संख्या पहले से काफी कम रही। हालांकि, अभी भी कुछ लोगों को बुकिंग के बाद ओटीपी नहीं आने की समस्या आ रही है।
सरकार ने गैस कनेक्शन और रिफिलिंग को लेकर नए नियम लागू किए है। नए नियमों के तहत फिलहाल नए गैस कनेक्शन जारी करने पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही रिफिलिंग की समय-सीमा भी तय कर दी गई है।
अब ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन और शहरी क्षेत्रों में 25 दिन के अंतराल के बाद ही गैस सिलेंडर की रिफिलिंग हो सकेगी। सरकार ने कमर्शियल गैस सिलिंडरों की आपूर्ति के लिए भी नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत उपायुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में डीएफएससी को सचिव तथा सीएमओ, एसपी और डीईओ को सदस्य बनाया गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और विवाह समारोह विशेषकर बेटियों की शादी जैसे आवश्यक कार्यों के लिए प्राथमिकता के आधार पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। किसे सिलेंडर दिया जाएगा, इसका अंतिम निर्णय संबंधित कमेटी ही करेगी।
जिले में कुल 22 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं और करीब ढाई लाख उपभोक्ता हैं। इनमें इंडेन की 13 एजेंसियों से करीब पौने दो लाख उपभोक्ता जुड़े हैं, जबकि भारत गैस की 9 एजेंसियों के लगभग 75 हजार उपभोक्ता हैं।
सोमवार को हुई थी कार्रवाई
सोमवार को खाद्य आपूर्ति विभाग ने धारूहेड़ा, मालपुरा और अकेरा में छापेमारी कर 21 गैस सिलिंडर पकड़े थे। इनमें 15 घरेलू गैस सिलिंडर और 6 छोटे गैस सिलिंडर जब्त किए थे। टीम गैस सप्लाई और वितरण के स्टॉक की निगरानी के साथ ब्लैक में बेचने वालों पर भी नजर रख रही है।