संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। सीएम फ्लाइंग ने शुक्रवार को नगर परिषद के सफाई निरीक्षक (सीएसआई) सुधीर कुमार और डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली फर्म मेसर्स दया चरण एंड कंपनी के सुपरवाइजर ओमवीर को साथ लेकर फर्म के कार्यों का औचक निरीक्षण किया। टीम की जांच में पाया गया कि शहर से कूड़ा उठाया नहीं गया और वजन की फर्जी पर्ची बनवा ली गई। मामले में सफाई निरीक्षक ने डंपर चालकों और धर्मकांटा संचालक के खिलाफ थाने में शिकायत की है।
शहर के एमआरएफ सेंटर से डंपर से कूड़ा उठाकर ले जाया जाता है। सीएम फ्लाइंग के निरीक्षण कके सुपरवाइजर ओमवीर की ओर से कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों की पारस धर्मकांटा सब्जी मंडी गांव बिठवाना से जारी की पर्चियां पेश की गईं। पारस धर्मकांटा पर जब 3 फरवरी की पर्ची नंबर 7874,7875,7883,7884 व अन्य तारीखों की पर्चियों की जांच की गई तो पता चला कि उन पर्चियों पर डंपर चालक सूरजमल, संदीप, राजेश व नवीन के हस्ताक्षर हैं। पर्चियों के तौल के समय में भी 1 से 2 मिनट का अंतर पाया गया। मुख्य सफाई निरीक्षक सुधीर कुमार ने धर्मकांटा संचालक अशोक कुमार शर्मा पुत्र हजारीलाल को सीसीटीवी फुटेज दिखाने बारे में कहा कहा तो उसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। कहा कि धर्मकांटे का डीवीआर खराब है जो ठीक कराने के लिए भेजा है।
इसके बाद पारस धर्मकांटा संचालक मौके से फरार हो गया। संदेह गहराने पर धर्मकांटे के नजदीक स्थित श्रीराम बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरा की फुटेज की जांच की गई तो पाया गया कि धर्मकांटा की पर्चियों में जो समय लिखा गा है, उस समय पर कूड़ा उठाने वाले डंपर आए ही नहीं। इससे प्रतीत होता है कि डंपर चालकों व धर्मकांटा संचालक अशोक कुमार की ओर से कूड़ा उठाने वाले डंपरों की झूठी माप तौल पर्चियां तैयार कर ली गई हैं। मामले में इनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही के लिए मुख्य सफाई निरीक्षक सुधीर कुमार ने थाना मॉडल टाउन रेवाड़ी में एक लिखित शिकायत दी गई है। मामले में स्थानीय पुलिस कार्रवाई करेगी।
वजन कराना होता है जरूरी
औचक निरीक्षण के दौरान पाया गया कि उपरोक्त फर्म को वर्क ऑर्डर अनुसार कूड़ा उठाने के लिए 5,06,91,200 रुपये का टेंडर दिया गया है, जिसमें 1736 रुपये प्रति मीट्रिक टन कूड़ा उठाने का रेट निर्धारित किया गया है। शहर रेवाड़ी से डोर-टू-डोर का कूड़ा एकत्रित करके बीएमजी मॉल रेवाड़ी के नजदीक बने एमआरएफ सेंटर पर डाला जाता है, उसके बाद डंपरों द्वारा गांव रामसिंहपुरा थाना बावल स्थित डंपिंग यार्ड पर भेजा जाता है। परन्तु इससे पहले धर्मकांटा पर गाड़ी व कूड़े का तौल कराना अनिवार्य होता है।
जनवरी में नगर परिषद ने पाई थी यह खामियां
निरीक्षण के दौरान पाया गया था कि शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का कार्य दयाचरण एंड कम्पनी को टेंडर अलाट है, जो रिकार्ड अनुसार कुल 28 टीपर टैम्पों, 2 जेसीबी मशीन, 5 ट्रैक्टर, 3 डंपर, 11 ई-रिक्शा व 11 हाथ रिक्शा कुल 60 वाहन व 335 सफाई कर्मचारी कूडा निपटान के लिए लगे हुए हैं। एक दिन पहले ही सीएम फ्लाइंग की टीम द्वारा रात को व सुबह 7 बजे से लेकर 9 बजे तक सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान शहर में काफी जगह कूड़े के बड़े-2 ढेर पाए गए। जहां पर कोई भी सफाई कर्मी व वाहन कूडा उठाते हुए नहीं पाया गया। कूड़ा उठाने वाले केवल 12 वाहनों पर ही जीपीएस सिस्टम लगे हुए हैं। कूड़ा उठाने वाले वाहन भी पूरे नही पाए गए। शहर में बने गंदे पानी के नाले काफी जगह गंदगी व कूड़े से अटे हुए हैं तथा खुले नालों पर भी कई जगह जाली भी नहीं डाली हुई है, जो रिकार्ड अनुसार वर्ष 2024 में दयाचरण एंड कम्पनी को 3,36,40,351 रुपये की अदायगी की जा चुकी है। इतनी राशि खर्च किए जाने के बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था की स्थिति बदहाल मिली है।