संवाद न्यूज एजेंसी
धारूहेड़ा। प्रत्येक परिवार तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाने में मदद के लिए बनाया गया परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) अब गरीब परिवारों के लिए मुश्किल बन गया है। जिनके घर में साइकिल तक नहीं है, उनके पीपीपी में स्कूटी और कार पंजीकृत हैं। ऐसे जरूरतमंद गरीब बीपीएल राशन कार्ड से वंचित हो रहे हैं।
दिहाड़ी मजदूरी करने वाले कई लोगों के नाम पर प्राइवेट और कॉमर्शियल वाहनों का पंजीकरण किया गया है जिससे उनके राशन कार्ड भी कट गए हैं। यह स्थिति अब इन लोगों के लिए परेशानी का कारण बन चुकी है क्योंकि सरकारी सुविधाओं का लाभ छिनने का खतरा बढ़ गया है।
परिवार पहचान पत्र में ऐसे लोगों की आय एक लाख 50 हजार से 75 हजार दर्शाया गया था, जिसकी जांच करने के बाद परिवार पहचान पत्र बना। पीपीपी में आय अधिक और वाहन पंजीकृत किए जाने से ऐसे लोगों का बीपीएल राशन कार्ड काट दिया गया है। बीपीएल राशन कार्ड बनवाने के लिए अब इन्हें वाहन न होने का प्रमाण जमा करवाना होगा।
केस केस नंबर 1
दीक्षा कुमारी (22) ने बताया कि पिता अनिल कुमार नगर पालिका में सफाई कर्मी थे। वह ठेकेदार के अधीन कार्य कर रहे थे। 8 जून 2025 को पिता की मृत्यु हो गई। जब तक पिता जीवित थे तब तक उनका नाम राशन लिस्ट में था लेकिन उनके मृत्यु के 2 महीने बाद ही राशन की सूची से नाम काट दिया गया। जब इसकी वजह जानने का प्रयास किया गया तो पता चला कि उनके परिवार पहचान पत्र पर चार चक्का वाहन पंजीकृत है।
केस नंबर 2
मीनाक्षी व गजेंद्र के दादा विजय कुमार ने बताया कि बेटे सौरभ कुमार की मृत्यु 8 वर्ष पहले हो गई थी। बहू सीमा देवी की बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी। जब तक वह थे तब तक राशन कार्ड पर राशन मिलता रहा लेकिन अब राशन मिलना बंद हो गया। जब आधार सेंटर पर पता किया गया तो पता चला कि परिवार पहचान पत्र पर चार चक्का वाहन पंजीकरण है।