मसानी बैराज में जमा गंदा पानी। संवाद
रेवाड़ी। मसानी बैराज में बढ़ते प्रदूषण और गंदे पानी की निकासी को लेकर पर्यावरण प्रेमियों ने चिंता जताई है। पर्यावरण प्रेमी कमल सिंह यादव ने बताया कि वर्तमान में रेवाड़ी शहर का गंदा पानी मसानी बैराज में पहुंच रहा है। इसके अलावा भिवाड़ी, खुशखेड़ा और बावल का गंदा पानी भी बैराज में डालने का प्रस्ताव है।
उन्होंने कहा कि मसानी बैराज को बचाने, उसके उपचार और समाधान के लिए लोगों में जागरूकता पैदा करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से 17 मई को सुबह 10 बजे गांव मसानी के पंचायत घर में बैठक बुलाई गई है। बैठक में क्षेत्र के ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों और पर्यावरण प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई है। बैठक में मसानी बैराज को वेटलैंड घोषित कराने और इसके संरक्षण को लेकर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
कमल सिंह यादव ने बताया कि पहले चरण में 31 मई से 10 गांवों में पदयात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा जीतपुरा, तितरपुर, मसानी, रसगन, डूंगरवास, निखरी, निशानियांवास, रालियावास, पचगांव और जडथल गांवों से होकर गुजरेगी। यात्रा सुबह साढ़े 5 बजे जीतपुरा से शुरू होकर सुबह साढ़े 8 बजे जड़थल में समाप्त होगी। पदयात्रा के माध्यम से लोगों को जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और बैराज को बचाने के लिए जागरूक किया जाएगा।