संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में शुक्रवार को डेंगू के 4 नए मरीज मिले। इसके साथ ही डेंगू मरीजों की संख्या 275 हो गई है। अक्तूबर में जहां 173 केस मिले थे। वहीं नवंबर के 8 दिनों में डेंगू के 43 मरीज मिल चुके हैं।
डेंगू के लगातार मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घरों में जाकर वॉश वेसिन की ट्रे, फ्रिज, मटके के अंदर, कूलर, हौद, पानी की टंकी आदि में मच्छरों के लार्वे की जांच कर रही हैं। 125 टीमें लार्वा की जांच कर रही हैं। पिछले वर्ष सितंबर में पीक सीजन था, इस बार अक्तूबर में सर्वाधिक केस मिले हैं।
जिले में जुलाई से सितंबर तक मात्र 73 मरीज मिले थे लेकिन अक्तूबर में हालात बिगड़ गए। दिन का तापमान 30 डिग्री से ज्यादा होने के कारण मच्छर का लार्वा पनप रहा है। जिले में डेंगू पर कंट्रोल करने के लिए सिविल अस्पताल के अलावा निजी लैब व अस्पतालों में अब तक कुल 4462 सैंपल जांच किए गए, जिनमें से हर 17वां पॉजिटिव पाया गया है। इसके अलावा घरों में व बाहर होदी आदि में भरे पानी में मच्छरों के लार्वा की जांच की गई। जहां मच्छरों के लार्वा पाए गए, उनको नोटिस भी दिया है। जिले में 4072 लोगों को नोटिस थमाया है।
नगर परिषद ने शुरू कराई फॉगिंग:
मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों से बचाव के लिए अतिरिक्त उपायुक्त एवं जिला नगर आयुक्त अनुपमा अंजलि के निर्देशों पर नगर परिषद की ओर से शुक्रवार को फॉगिंग अभियान चलाया। शहर के विभिन्न स्थानों पर मच्छर नाशक दवा से फॉगिंग करवाई गई। जहां मलेरिया, डेंगू के मामले आ रहे हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर फॉगिंग कराई जा रही हैं। आमजन से भी अपील की गई कि वे अपने घर या आसपास में पानी का किसी प्रकार जमाव न होने दें। मलेरिया और डेंगू से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी है। पानी की टंकी, ड्रम या गमलों में जमा पानी को पूरी तरह साफ करते हुए सुखाना चाहिए।
वर्जन
स्वास्थ्य विभाग की टीमें मच्छरों के लार्वे की जांच कर रही हैं। लोगों को पूरे बाजू के कपड़े पहनने, मच्छरों से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। किसी को कई दिन से बुखार है उसे डेंगू की जांच करानी चाहिए। सिविल अस्पताल में डेंगू का एलाइजा जांच की जा रही है। -डॉ. अमित कुमार, डीएमओ, स्वास्थ्य विभाग रेवाड़ी।