जलनिकासी के संबंध में अधिकारियों की बैठक लेते डीसी यशेन्द्र सिंह।
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रेवाड़ी। दो दिन से लगातार हो रही बारिश व जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। इसके लिए बाढ़ नियंत्रण कक्ष बना दिया गया है। वहीं अधिकारियों के मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगा दी गई है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष जिला सचिवालय स्थित कमरा नंबर 114 में स्थापित किया गया है। जिसका दूरभाष नंबर 01274-225145 है। डीसी यशेंद्र सिंह ने आपात बैठक बुलाकर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मौसम विभाग के अनुसार दो-तीन दिन बारिश की अधिक संभावनाएं जताई गई हैं। इसलिए संबंधित अधिकारी मुस्तैदी से अपना कार्य करें और जहां भी पानी आने या पानी भरने की आशंका दिखाई पड़ती है उस क्षेत्र में प्राथमिकता के आधार पर कार्य करें। ताकि लोगों को कोई जान-माल का नुकसान न हो। उपायुक्त ने बैठक में सख्त निर्देश दिए कि कोई भी अधिकारी बिना सूचना के मुख्यालय छोड़कर न जाए। उन्होंने सभी उपमंडल अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में अपने क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ संपर्क में रहें और कहीं भी पानी भरने या पानी आने की कोई समस्या पैदा होती है तो उस पर तुंरत कार्रवाई करें।
सड़क अवरुद्ध होने पर वैकल्पिक मार्ग की करें व्यवस्था
डीसी यशेंद्र सिंह ने निर्देश दिए कि यदि जिले में कहीं भी कोई सड़क पानी के कारण अवरुद्ध होती है तो उसके वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था भी की जाए। उन्होंने बिजली विभाग के अधीक्षक अभियंता को निर्देश दिए कि पानी निकासी के लिए पंप सेटों पर बिजली की निरंतर सप्लाई जारी रखें। उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी पंप सेट बंद न होने पाए। उसके लिए पहले से ही विकल्प तैयारी रखें। उन्होंने निर्देश दिए कि लोगों को बरसाती मौसम के कारण किसी बीमारी का सामना न करना पड़े। उसके लिए यह आवश्यक है कि बारिश के पानी की समय रहते निकासी हो। बैठक में एसडीएम रेवाड़ी रविन्द्र यादव, एसडीएम कोसली होशियार सिंह, एसडीएम बावल संजीव कुमार व सीटीएम रोहित कुमार अन्य विभागों के मुखिया मौजूद रहे।