फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाट्सएप ग्रुप में भड़काऊ पोस्ट डालने के आरोप में पांच युवक गिरफ्तार

विज्ञापन
जिला पुलिस अधीक्षक नाजनीन भसीन। - फोटो : Rewari
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण से बचाव के लागू लॉकडाउन का पालन कराने के साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। जिले में लगातार सोशल मीडिया पर विशेष समुदाय के खिलाफ टिप्पणी की जा रही है। देर रात भी पांच लोगों ने मिलकर एक विशेष समुदाय के खिलाफ एक पोस्ट की। उसमें लिखा गया कि एक पुलिस चौकी से विशेष समुदाय के दो लोग फरार हो गए हैं। जैसे ही यह पोस्ट डाली गई पुलिस सतर्क हो गई। रामपुरा थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए झूठ को बेनकाब करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन गांव हजारीवास निवासी सुनील के अलावा उसके गांव के ही सतीश, नरेश, चौधरीवाड़ा निवासी धर्मेन्द्र व दिनेश शामिल हैं। रविवार को आरोपियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार शनिवार की शाम व्हाट्स एप के कई ग्रुप पर एक मैसेज तेजी से फैल गया। उसमें लिखा था कि शहर की कंकरवाली पुलिस चौकी से विशेष समुदाय के दो लोग फरार हो गए हैं। जबकि हकीकत यह है कि कंकरवाली कोई चौकी नहीं है। शाम को मैसेज फैलते ही रामपुरा पुलिस तक सूचना पहुंच गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हजारीवास व वार्ड नंबर-25-29 के नाम से बनाए गए दो व्हाट्स एप ग्रुप को खंगाला। दोनों में एडमिन हजारीवास निवासी सुनील निकला। उसे तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि यह झूठी सूचना उसके गांव के ही सतीश व नरेश ने दी है। बाद में पता चला कि दिनेश व धर्मेन्द्र इसी पोस्ट को कई और लोगों को भेज चुके हैं। कड़ी से कड़ी मिलाते हुए पुलिस ने पांचों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
एक सप्ताह में तीन मुकदमे किए दर्ज
दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज का मामला सामने आने के बाद से एक विशेष समुदाय के खिलाफ लगातार सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट की जा रही है। पिछले दिनों कसौला थाना पुलिस ने गांव आसियाकी पांचौर निवासी पूर्व सरपंच को भड़काऊ पोस्ट करने के मामले में गिरफ्तार किया था। उसके बाद इसी पोस्ट को शेयर करने वाले तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया। तीन दिन पहले ही पुलिस ने बावल थाने में भी इसी प्रकार की एफआईआर दर्ज करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन

पुलिस लगातार कर रही निगरानी
माहौल किसी तरह बिगड़ न जाए इसके लिए जिला पुलिस सोशल मीडिया पर विशेष नजर बनाए हुए है। पुलिस की एक टीम लगातार फेसबुक, ट्वीटर, व्हाट्सएप व टीकटॉक पर नजर बनाए हुए है। पुलिस की सख्ती का ही असर है कि अब तक एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैैलाने वालों को नहीं बख्शा जाएगा : एसपी
पुलिस अधीक्षक नाजनीन भसीन ने कहा कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ व झूठी पोस्ट करने वाले लोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिले में अब तक तीन एफआईआर दर्ज हुई हैं। तीनों ही मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एक बार फिर चेतावनी दी जाती है कि वे इस तरह की पोस्ट करने से बचे, वरना सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें