रेवाड़ी। प्रशासन की सख्ती और पुलिस कार्रवाई के बाद भी एजेंसी की ओर से पकड़े गए गोवंशी को छुड़ाने के प्रयास थम नहीं रहे हैं। वीरवार को भी पांच गोवंश को मुक्त करा लिया गया।
पांच दिन पहले पुलिस ने एजेंसी कर्मचारियों से विवाद कर पकड़े गए गोवंशी को छुड़ाने के आरोप में तीन पशुपालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बावजूद अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
गोवंशी छुड़ाने के मामले में परिवार की महिलाएं भी शामिल हो रही हैं। प्रशासन ने शहर में बेसहारा गोवंशी को पकड़ने के लिए अभियान तेज किया हुआ है। इसी दौरान एजेंसी कर्मचारियों द्वारा पकड़े गए पशुओं को कुछ पशुपालक जबरन छुड़ाने का प्रयास कर रहे हैं। कर्मचारियों से कहासुनी के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा था।
करीब 20 दिन पहले गोवंशी के हमले में दो बुजुर्गों की मौत हो गई थी। इसके बाद शहरवासियों में रोष फैल गया था। लोगों ने प्रदर्शन कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए दूध निकालने के बाद गोवंशी को खुले में छोड़ने वाले पशुपालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
इसके बाद प्रशासन ने बेसहारा गोवंशी को पकड़ने का अभियान शुरू किया। हालांकि, पकड़े गए पशुओं को छुड़ाने के लगातार प्रयासों से अभियान प्रभावित हो रहा है।